By:vikash kumar (vicky)

देवघर। झारखंड में पिछले लगभग एक दशक से शिक्षक पात्रता परीक्षा (JETET) आयोजित नहीं होने के कारण अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर शनिवार को देवघर के एक बीएड कॉलेज परिसर में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने धरना-प्रदर्शन किया और राज्य सरकार से जल्द से जल्द झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित कराने की मांग की।

धरना प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2015-16 सत्र से ही हजारों अभ्यर्थी JETET परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से इस परीक्षा के आयोजन को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे राज्य के युवाओं के सामने रोजगार का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

वर्षों से परीक्षा का इंतजार कर रहे अभ्यर्थी
धरना में शामिल अभ्यर्थियों ने कहा कि शिक्षक बनने का सपना लेकर उन्होंने बीएड और अन्य शैक्षणिक योग्यताएं हासिल की हैं, लेकिन JETET परीक्षा नहीं होने के कारण वे आगे की प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय पर परीक्षा आयोजित होती तो अब तक हजारों युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल चुका होता।

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना था कि झारखंड सरकार की लापरवाही के कारण उनकी उम्र भी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कई अभ्यर्थी ऐसे हैं जो वर्षों से तैयारी कर रहे हैं, लेकिन परीक्षा नहीं होने के कारण उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है।

हाईकोर्ट ने भी दिया है निर्देश
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस मामले को लेकर न्यायालय का दरवाजा भी खटखटाया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने झारखंड सरकार को 31 मार्च तक JETET परीक्षा आयोजित करने को लेकर आदेश जारी किया है।

हालांकि अभ्यर्थियों का कहना है कि अब तक सरकार की ओर से परीक्षा की कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इतने कम समय में परीक्षा आयोजित कराना संभव नहीं होगा।
सरकार से जल्द परीक्षा कराने की मांग
धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी JETET परीक्षा का आयोजन बेहद जरूरी है। राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है, लेकिन इसके बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं होने से नई नियुक्तियां नहीं हो पा रही हैं।

अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर जल्द से जल्द JETET परीक्षा आयोजित की जाती है तो इससे न केवल युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा बल्कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही परीक्षा की तिथि घोषित नहीं की गई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे हैं, लेकिन अगर उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने यह भी कहा कि राज्य सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। उन्होंने मांग की कि जल्द से जल्द JETET परीक्षा की अधिसूचना जारी कर परीक्षा की तिथि घोषित की जाए।
बेरोजगार युवाओं में बढ़ रही निराशा
धरना प्रदर्शन के दौरान कई अभ्यर्थियों ने अपनी पीड़ा भी साझा की। उनका कहना था कि कई युवाओं ने शिक्षक बनने के सपने के साथ वर्षों तक मेहनत की है, लेकिन परीक्षा नहीं होने के कारण वे मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं।
कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि कई साथी उम्र सीमा पार होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। अगर जल्द परीक्षा नहीं हुई तो उन्हें शिक्षक बनने का मौका भी नहीं मिल पाएगा।
शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ रहा असर
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि लंबे समय तक शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित नहीं होने से शिक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है। सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

ऐसे में सरकार को जल्द से जल्द JETET परीक्षा आयोजित कर योग्य अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर देना चाहिए ताकि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सके।
जल्द समाधान की उम्मीद
धरना प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से लेगी और जल्द ही JETET परीक्षा को लेकर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
अभ्यर्थियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना है ताकि हजारों युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल सके और राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिल सके।
