By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: आगामी चैती छठ, ईद-उल-फितर और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों को लेकर देवघर जिले में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने के लिए जिला पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट को रोकने के लिए देवघर पुलिस ने विशेष निगरानी अभियान शुरू किया है। पुलिस प्रशासन ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने, भ्रामक जानकारी साझा करने या धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली पोस्ट करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

देवघर पुलिस के अनुसार त्योहारों के समय अक्सर सोशल मीडिया पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गलत सूचनाएं और भड़काऊ संदेश प्रसारित किए जाते हैं, जिससे समाज में तनाव और आपसी वैमनस्य की स्थिति पैदा हो सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए जिले की साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक विशेष टीम लगातार नजर बनाए हुए है। साइबर सेल के विशेषज्ञ हर संदिग्ध पोस्ट, मैसेज और वीडियो की निगरानी कर रहे हैं ताकि समय रहते अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसी सामग्री पोस्ट करता है जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हों, समाज में तनाव पैदा हो या सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की संभावना हो, तो उस व्यक्ति की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा सकता है।

देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करें और किसी भी प्रकार की अपुष्ट या भ्रामक जानकारी को बिना जांचे-परखे आगे साझा न करें। पुलिस का कहना है कि कई बार लोग बिना सत्यता की जांच किए ही किसी पोस्ट या संदेश को फॉरवर्ड कर देते हैं, जिससे अफवाह तेजी से फैल जाती है और समाज में भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार का भड़काऊ पोस्ट करना, गलत सूचना फैलाना या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री साझा करना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में पोस्ट करने वाले व्यक्ति के साथ-साथ उस पोस्ट को फैलाने वालों की भी जिम्मेदारी तय की जा सकती है।

देवघर पुलिस ने यह भी कहा है कि त्योहारों के दौरान जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अन्य सुरक्षा उपाय भी किए जा रहे हैं। विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की जाएगी और आवश्यकतानुसार गश्ती दल भी सक्रिय रहेंगे। इसके अलावा शांति समिति की बैठकें आयोजित कर विभिन्न समुदायों के लोगों से भी सहयोग की अपील की जा रही है ताकि सभी त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें सोशल मीडिया पर किसी प्रकार की संदिग्ध, आपत्तिजनक या भड़काऊ पोस्ट दिखाई देती है तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर सेल को दें। इससे समय रहते कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है।

देवघर पुलिस ने यह भी कहा कि जनता की सतर्कता और सहयोग से ही जिले में शांति और भाईचारा कायम रखा जा सकता है। पुलिस प्रशासन सभी नागरिकों से अनुरोध करता है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और न ही उन्हें आगे बढ़ाएं।
पुलिस ने लोगों को यह भी सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी प्राप्त करें और किसी भी संदिग्ध संदेश या वीडियो पर तुरंत प्रतिक्रिया देने से बचें। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अफवाह फैलाने या समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देवघर पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दौरान सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए साइबर टीम 24 घंटे सक्रिय रहेगी। किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में नागरिक तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकते हैं।

आपातकालीन स्थिति में मदद के लिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे तुरंत डायल 112 पर संपर्क करें या नजदीकी थाना को सूचना दें। प्रशासन का कहना है कि समाज में शांति और सौहार्द बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें जनता का सहयोग बेहद जरूरी है।
देवघर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि जिले में कानून – व्यवस्था बनाए रखने के लिए हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं ताकि सभी धार्मिक पर्व आपसी भाईचारे और शांति के माहौल में संपन्न हो सकें।

