By: Vikash Kumar (Vicky)
जिला स्तरीय प्रतियोगिता में 8 छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल व स्मार्ट वॉच, प्रखंड स्तर पर 74 विद्यार्थियों को सिल्वर मेडल व स्कूल बैग देकर किया गया सम्मानित
देवघर। झारखंड ई-शिक्षा महोत्सव 2025 के अंतर्गत आयोजित आईसीटी चैंपियनशिप के जिला स्तरीय पुरस्कार वितरण सह सम्मान समारोह का आयोजन देवघर के जिला मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय, आर. मित्रा में भव्य रूप से किया गया। इस अवसर पर डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं और आईसीटी इंस्ट्रक्टरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र, मेडल और आकर्षक उपहार देकर उनकी उपलब्धियों की सराहना की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले कुल 8 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, गोल्ड मेडल और स्मार्ट वॉच देकर सम्मानित किया गया। वहीं प्रखंड स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 74 छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, सिल्वर मेडल और स्कूल बैग प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले 46 आईसीटी इंस्ट्रक्टरों को भी प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों और शिक्षकों ने कहा कि आईसीटी चैंपियनशिप जैसे आयोजन विद्यार्थियों को डिजिटल तकनीक के प्रति जागरूक करने और उनकी प्रतिभा को निखारने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। आज के दौर में शिक्षा के साथ तकनीक का जुड़ाव बेहद आवश्यक हो गया है और ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं।

जिला स्तरीय आईसीटी चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों में अंची देवी एस. बालिका +2 उच्च विद्यालय मधुपुर की छात्रा ऋतिका कुमारी मिश्रा, राजकीयकृत +2 स्कूल मोहनपुरहाट के छात्र साजन कुमार मंडल, +2 स्कूल सरवां की छात्रा संध्या रानी, आर.के. उच्च विद्यालय सारसा पालोजोरी के छात्र तरुण दास, अपग्रेडेड +2 मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय देवघर की छात्रा साक्षी प्रिया, आर. मित्रा +2 स्कूल देवघर के छात्र अभिषेक कुमार दत्ता, अपग्रेडेड +2 मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय देवघर की छात्रा रानू कुमारी तथा आर. मित्रा +2 स्कूल देवघर के छात्र सुधांशु कुमार शामिल हैं। इन सभी विद्यार्थियों को उनकी उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया।

वहीं डिजिटल शिक्षा को प्रभावी ढंग से विद्यालयों तक पहुंचाने में अहम योगदान देने वाले आईसीटी इंस्ट्रक्टरों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिला स्तर पर सम्मानित किए गए इंस्ट्रक्टरों में अंची देवी एस. बालिका +2 उच्च विद्यालय मधुपुर की सुमन कुमारी, राजकीयकृत +2 स्कूल मोहनपुरहाट के गौरव कुमार झा, +2 स्कूल सरवां के विक्रम कुमार राय, आर.के. उच्च विद्यालय सारसा पालोजोरी के राहुल कुमार मंडल, अपग्रेडेड +2 मातृ मंदिर बालिका उच्च विद्यालय देवघर की प्रीतम रानी, आर. मित्रा +2 स्कूल देवघर के रमाकांत मंडल तथा आर.बी.जे.पी.एस +2 उच्च विद्यालय बाभनगामा सारठ के प्रदीप कुमार शामिल हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी यानी आईसीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को नई तकनीकों की जानकारी मिलती है और उनकी सीखने की क्षमता भी बेहतर होती है। इस प्रकार की प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा करती हैं और उन्हें नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रेरित करती हैं।
अधिकारियों ने कहा कि झारखंड सरकार द्वारा आयोजित ई-शिक्षा महोत्सव का उद्देश्य राज्य के विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना और उन्हें तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है। इसके तहत आयोजित आईसीटी चैंपियनशिप विद्यार्थियों के बीच तकनीकी कौशल को विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है।

कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस पहल की सराहना की और कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार संभव है। यदि विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं तो वे तकनीकी क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
समारोह के अंत में सभी विजेता छात्र-छात्राओं और इंस्ट्रक्टरों को शुभकामनाएं दी गईं तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, आईसीटी इंस्ट्रक्टर, छात्र-छात्राएं और अन्य गणमान्य अतिथि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आईसीटी चैंपियनशिप के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि डिजिटल शिक्षा आज की जरूरत है और विद्यार्थियों को तकनीक के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना समय की मांग है। ऐसे आयोजनों से न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा सामने आती है बल्कि उन्हें अपने भविष्य को नई दिशा देने का अवसर भी मिलता है।
