By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर: विश्व कल्याण, सुख-समृद्धि और नगरवासियों के मंगल की कामना को लेकर देवघर में पारंपरिक नगर गवाली पूजा का आयोजन मंगलवार को किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन को लेकर सोमवार को शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा का नेतृत्व पांडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज ने किया। इस अवसर पर सरदार पांडा गुलाब नंद ओझा सहित सभा के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

यह शोभायात्रा बाबा मंदिर परिसर से प्रारंभ हुई, जहां बाबा मंदिर स्थित 22 मंदिरों में संध्या आरती और धूमना दिखाकर शोभायात्रा की शुरुआत की गई। धार्मिक उत्साह और भक्ति भाव के साथ निकली इस शोभायात्रा में श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों, शंखनाद और धर्म ध्वज के साथ शामिल हुए। नगर के विभिन्न मार्गों से होते हुए शोभायात्रा ने नगर भ्रमण किया और अंततः आजाद चौक स्थित मां शीतला मंदिर पहुंची।

मां शीतला मंदिर में दिया गया पूजा का निमंत्रण
शोभायात्रा के दौरान आजाद चौक स्थित मां शीतला मंदिर में विशेष रूप से पूजा अर्चना कर माता को नगर गवाली पूजा का निमंत्रण दिया गया। इस दौरान पांडा धर्मरक्षिणी सभा के अध्यक्ष डॉ. सुरेश भारद्वाज, महामंत्री निर्मल मंटू झा, उपाध्यक्ष चंद्रशेखर खबाड़े, संजय मिश्रा और त्रिलोकी पांडेय सहित अन्य पदाधिकारियों ने विधिवत पूजा कर माता से नगर के कल्याण और सुख-शांति की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालु “जय माता दी” और “हर हर महादेव” के जयकारों के साथ नगर भ्रमण करते रहे। इस दौरान धार्मिक झांकियां, ध्वज और पारंपरिक वाद्य यंत्रों ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया।

मंगलवार को होगा मुख्य पूजा अनुष्ठान
नगर गवाली पूजा का मुख्य आयोजन मंगलवार को बाबा मंदिर स्थित मां काली मंदिर में होगा। सुबह से ही माता की विशेष पूजा-अर्चना शुरू हो जाएगी जो देर रात तक चलेगी। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर माता के दर्शन करेंगे और नगर की सुख-समृद्धि तथा विश्व कल्याण की कामना करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार यह पूजा देवघर की प्राचीन धार्मिक परंपराओं में से एक है। हर वर्ष नगर की सुख-शांति और समृद्धि के लिए इस पूजा का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। नगर गवाली पूजा को लेकर शहर के लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

शाम को होगा धूमना कार्यक्रम
इस धार्मिक आयोजन का एक प्रमुख आकर्षण धूमना कार्यक्रम भी होता है। मंगलवार की शाम तारा मंदिर के सामने धूमना के लिए विशेष रूप से अग्नि प्रज्वलित की जाएगी। इसके बाद नगरवासी वहां पहुंचकर अग्नि में धूमना अर्पित करेंगे और माता से अपने परिवार और समाज के कल्याण की कामना करेंगे। धूमना की यह परंपरा देवघर की धार्मिक संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। श्रद्धालु अग्नि में धूप, नारियल और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर माता से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इस दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो जाता है और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ती है।

नगर कुमारी बटु भोजन का भी आयोजन
नगर गवाली पूजा के अवसर पर नगर कुमारी बटु भोजन का भी आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत कुमारी कन्याओं और बटुकों को भोजन कराकर उनका आशीर्वाद लिया जाएगा। सनातन परंपरा में इसे अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कुमारी और बटुक भोजन के माध्यम से समाज में सेवा और श्रद्धा की भावना को बढ़ावा मिलता है। इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

आयोजन को सफल बनाने में जुटे नगरवासी
नगर गवाली पूजा को सफल बनाने के लिए पांडा धर्मरक्षिणी सभा के साथ-साथ नगर के कई सामाजिक और धार्मिक संगठन सक्रिय रूप से सहयोग कर रहे हैं। सभा के पदाधिकारियों ने बताया कि पूजा की सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। इस आयोजन को लेकर नगरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोग अपने-अपने स्तर से आयोजन में सहयोग कर रहे हैं। पांडा धर्मरक्षिणी सभा के पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर पूजा में भाग लेने और विश्व कल्याण की कामना करने की अपील की है।

देवघर की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखने वाले इस आयोजन में हर वर्ष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। नगर गवाली पूजा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह समाज में एकता, सद्भाव और सामूहिक श्रद्धा की भावना को भी मजबूत करता है।
इस वर्ष भी नगर गवाली पूजा को लेकर शहर में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिल रहा है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ इस पावन आयोजन में शामिल होकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे और विश्व कल्याण की कामना करेंगे।
