By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। जिला पशुपालन कार्यालय, देवघर प्रांगण में जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन जिला कृषि पदाधिकारी, जिला उद्यान पदाधिकारी, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला वैज्ञानिक-सह-प्रधान कृषि विज्ञान केन्द्र एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जिले के पशुपालकों को आधुनिक पशुपालन तकनीकों से अवगत कराना तथा उन्नत नस्ल के पशुओं को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने पशुपालन क्षेत्र में हो रहे बदलावों और सरकारी योजनाओं के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। जिला कृषि पदाधिकारी ने अपने संबोधन में बताया कि जिले में संचालित विभिन्न योजनाएं पशुपालकों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। उन्होंने उपस्थित कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं एवं पशुपालकों को इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन अपनाकर किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं।

वहीं जिला उद्यान पदाधिकारी ने पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, आधुनिक तकनीकों एवं रोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पशुपालन आज केवल परंपरागत कार्य नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यवसाय के रूप में तेजी से उभर रहा है। अगर इसे वैज्ञानिक तरीके से किया जाए तो यह ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बन सकता है।

कार्यक्रम में उपस्थित पशु चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों ने पशुपालकों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि पशुओं के स्वास्थ्य, पोषण और प्रबंधन पर विशेष ध्यान देकर उत्पादन क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। साथ ही समय-समय पर टीकाकरण और उचित देखभाल से पशुओं को बीमारियों से बचाया जा सकता है।
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. पी.के. स्वाइन ने मुख्यमंत्री पशुधन योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना का लाभ लेकर पशुपालक आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पशुपालकों को विभिन्न प्रकार की सहायता दी जा रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में पशुपालन ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। इससे न केवल लोगों की आय में वृद्धि हो रही है, बल्कि उनके जीवन स्तर में भी सुधार हो रहा है। उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही परिसंपत्तियों को अपनी संपत्ति समझकर उसका सही उपयोग करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं।

कार्यक्रम में अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी, डॉ. धनीलाल मंडल, भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी (चलंत) देवघर डॉ. बेबी प्रभा, सहायक कुक्कुट पदाधिकारी डॉ. संजीव शर्मा, पेट क्लीनिक इंचार्ज डॉ. पंकज कुमार सिन्हा, डॉ. धनंजय कुमार, डॉ. इमरान अंसारी, डॉ. सुनील टोप्पो, डॉ. प्रमोद कुमार चैरसिया, डॉ. हरेराम दिनकर, डॉ. अखिलेश्वर मुर्मू, डॉ. बसंती कुमारी सहित कई विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
इस कार्यशाला में सैकड़ों पशुपालकों एवं कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में पशु चिकित्सक डॉ. विजय कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

गौरतलब है कि आगामी 20 मार्च को जिला कार्यालय प्रांगण में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पशुपालकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया जाएगा। इस आयोजन से जिले के पशुपालकों को और अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

