By: Vikash Kumar (Vicky)
देवघर। चैत्र मास शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के पावन अवसर पर गुरुवार को बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में संकल्प पूजा के साथ चैती नवरात्र की विधिवत शुरुआत हो गई। इस अवसर पर मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा और सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें पूजा-अर्चना के लिए उमड़ पड़ीं।

चैती नवरात्र की शुरुआत विशेष वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ की गई। मंदिर के सरदार पांडा गुलाब नंद ओझा ने संकल्प पूजा कर नौ दिनों तक चलने वाले इस महापर्व का शुभारंभ किया। वहीं, आचार्य स्टेट पुरोहित श्रीनाथ महाराज द्वारा पूरे वैदिक रीति-रिवाज के साथ संकल्प पूजन संपन्न कराया गया। इस दौरान देवी के तीन प्रमुख स्वरूपों—मां काली, मां लक्ष्मी और मां सरस्वती की पूजा कर श्रद्धालुओं के कल्याण और विश्व शांति की कामना की गई।

पूजा के दौरान मंदिर परिसर में शंखध्वनि, घंटों की गूंज और मंत्रोच्चार से वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया। श्रद्धालु भक्ति भाव से मां दुर्गा के जयकारे लगाते नजर आए। संकल्प पूजा के दौरान देवी शक्ति के तीनों स्वरूपों का आह्वान करते हुए विशेष पूजा की गई, जिसमें समृद्धि, शक्ति और ज्ञान की कामना की गई।
मंदिर प्रशासन की ओर से जानकारी दी गई कि चैती नवरात्र के नौ दिनों तक दुर्गा सप्तशती पाठ और चंडी पाठ का आयोजन किया जाएगा। यह धार्मिक अनुष्ठान प्रतिदिन निर्धारित समय पर संपन्न होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेंगे।

इसके साथ ही मंदिर परिसर स्थित तीन देवी शक्ति मंदिरों—मां पार्वती मंदिर, मां काली मंदिर और मां संध्या मंदिर में शुद्ध घी के अखंड दीप प्रज्वलित किए गए। यह अखंड दीप पूरे नौ दिनों तक लगातार जलते रहेंगे, जो आस्था और श्रद्धा का प्रतीक माने जाते हैं।
अखंड दीप प्रज्वलन की व्यवस्था पुजारियों की देखरेख में भंडारी परिवार द्वारा की गई है। इस दौरान मंदिर परिसर में विशेष साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
स्टेट पुरोहित श्रीनाथ महाराज ने बताया कि चैती नवरात्र का धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि इस पर्व के दौरान देवी की उपासना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

उन्होंने यह भी बताया कि सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि को मां पार्वती, मां काली और मां संध्या मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। इन तिथियों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना रहती है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रशासन ने विशेष तैयारियां की हैं।
चैती नवरात्र के अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की जाएगी। इसमें भजन-कीर्तन, हवन और विशेष अनुष्ठान शामिल हैं। भक्तजन इन कार्यक्रमों में भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे।

यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और आज भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाई जा रही है। बाबा मंदिर प्रशासन और पुजारी वर्ग इस परंपरा को बनाए रखने के लिए पूरी तत्परता से कार्य कर रहे हैं।
चैती नवरात्र के पहले दिन से ही मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। दूर-दराज से आए श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। मंदिर परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

श्रद्धालुओं का मानना है कि चैती नवरात्र में मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। यही कारण है कि इस पर्व का महत्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।
कुल मिलाकर, बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में चैती नवरात्र की शुरुआत पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ हुई, जो आने वाले नौ दिनों तक इसी तरह धार्मिक आस्था और परंपरा का केंद्र बना रहेगा।

