By: Vikash Mala Mandal
Aaj Ka Panchang 25 March 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार आज 25 मार्च 2026, बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है और चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन है। नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा की जाती है। मान्यता है कि मां कालरात्रि की आराधना करने से भय, रोग और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और भक्तों को साहस तथा शक्ति प्राप्त होती है।

चैत्र नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा का विधान होता है। आज सप्तमी तिथि होने के कारण भक्त विशेष रूप से मां कालरात्रि की पूजा, मंत्र जाप और दुर्गा सप्तशती का पाठ करते हैं। कल अष्टमी तिथि है और कई जगहों पर अष्टमी के दिन कन्या पूजन किया जाएगा। सप्तमी और अष्टमी की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम बना हुआ था, लेकिन पंचांग के अनुसार आज ही सप्तमी तिथि मान्य है।

आज के दिन ब्रह्म मुहूर्त और विजय मुहूर्त में पूजा करना विशेष शुभ माना गया है। ब्रह्म मुहूर्त में की गई पूजा से मनोकामनाएं पूरी होती हैं और विजय मुहूर्त में किए गए कार्य में सफलता मिलने की मान्यता है। आज के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है, जो किसी भी नए काम की शुरुआत के लिए बहुत शुभ योग माना जाता है।
आज चैती छठ का चौथा और अंतिम दिन भी है। छठ पर्व का समापन आज उषा अर्घ्य के साथ होगा। श्रद्धालु आज सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर इस पवित्र पर्व का समापन करेंगे। छठ पूजा में सूर्य देव और छठी मैया की आराधना से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है।

आज बुधवार का दिन होने के कारण भगवान गणेश की पूजा का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि बुधवार के दिन गणपति जी की पूजा करने से बुद्धि, धन और सफलता की प्राप्ति होती है और जीवन के विघ्न दूर होते हैं।
आज का पंचांग
तिथि – सप्तमी, दोपहर 01:50 बजे तक
नक्षत्र – मृगशिरा, शाम 05:33 बजे तक
योग – सौभाग्य योग, 26 मार्च सुबह 03:09 बजे तक
वार – बुधवार

आज का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः काल (शुभ साधना के लिए उत्तम)
विजय मुहूर्त – दोपहर का शुभ समय, कार्य सिद्धि के लिए उत्तम
सर्वार्थ सिद्धि योग – पूरे दिन शुभ कार्य के लिए लाभकारी

धार्मिक मान्यता के अनुसार आज मां कालरात्रि की पूजा, गणेश जी का स्मरण, सूर्य देव को अर्घ्य और छठ पूजा का समापन करना बहुत ही शुभ फल देने वाला माना गया है।

यह पंचांग और धार्मिक जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं और मान्यताओं पर आधारित है। तिथि और मुहूर्त स्थान के अनुसार बदल सकते हैं। किसी भी शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पंडित या ज्योतिषाचार्य से सलाह अवश्य लें।

