By: Vikash Mala Mandal
देवघर: झारखंड के देवघर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। शहर के त्रिदेव अस्पताल में पहली बार सफलतापूर्वक पेसमेकर इम्प्लांट किया गया है। इस जटिल और संवेदनशील प्रक्रिया को प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार शर्मा और उनकी टीम ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

यह उपलब्धि न केवल देवघर बल्कि संथाल परगना क्षेत्र के लिए भी एक बड़ी राहत लेकर आई है, जहां अब तक इस तरह की उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं।
76 वर्षीय मरीज को मिला नया जीवन
इस ऐतिहासिक ऑपरेशन की मरीज 76 वर्षीय नंदकुमारी सिन्हा थीं, जो लंबे समय से गंभीर हृदय रोग से पीड़ित थीं। उन्हें बार-बार चक्कर आना, कमजोरी और दिल की धड़कन अनियमित होने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। डॉक्टरों की जांच में पाया गया कि उनकी हार्ट रेट बेहद धीमी हो चुकी थी, जो जानलेवा साबित हो सकती थी। ऐसे में डॉक्टरों ने पेसमेकर लगाने की सलाह दी। परिवार की सहमति के बाद ऑपरेशन की तैयारी शुरू की गई।

क्या होता है पेसमेकर और क्यों जरूरी होता है
पेसमेकर एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होता है, जिसे शरीर के अंदर लगाया जाता है। यह दिल की धड़कनों को नियंत्रित करता है और जब हार्ट रेट बहुत धीमी हो जाती है, तब यह इलेक्ट्रिक सिग्नल देकर दिल को सामान्य गति से धड़कने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पेसमेकर उन मरीजों के लिए बेहद जरूरी होता है जिन्हें ब्रैडीकार्डिया (धीमी धड़कन) जैसी समस्या होती है।

आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ टीम का योगदान
डॉ. पंकज कुमार शर्मा ने बताया कि यह सर्जरी अत्याधुनिक तकनीक और सटीक योजना के साथ की गई। पूरी प्रक्रिया के दौरान हर छोटे-बड़े पहलू का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा।
उन्होंने कहा कि,
“यह देवघर के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब यहां के मरीजों को पेसमेकर जैसी सुविधाओं के लिए रांची, पटना या दिल्ली जैसे बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।”
ऑपरेशन के दौरान अस्पताल की प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और टेक्निकल टीम ने भी अहम भूमिका निभाई।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर
सर्जरी के बाद मरीज नंदकुमारी सिन्हा की हालत स्थिर बताई जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी रिकवरी तेज़ी से हो रही है और वे जल्द ही सामान्य जीवन जी सकेंगी।
परिजनों ने अस्पताल और डॉक्टरों का आभार जताते हुए कहा कि यह उनके लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है।
स्थानीय लोगों के लिए बड़ी राहत
देवघर और आसपास के जिलों के मरीजों को अब तक गंभीर हृदय रोग के इलाज के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता था। इससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी।
अब त्रिदेव अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह उपलब्धि क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अस्पताल प्रबंधन ने जताई खुशी
त्रिदेव अस्पताल के प्रबंधन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उनका लक्ष्य देवघर को एक उन्नत चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित करना है।
प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में भी अस्पताल में और आधुनिक सुविधाएं जोड़ी जाएंगी, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।

देवघर में स्वास्थ्य सेवाओं का नया अध्याय
यह पहली पेसमेकर सर्जरी देवघर के लिए एक नए युग की शुरुआत है। इससे यह साबित होता है कि अब छोटे शहरों में भी बड़े शहरों जैसी मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इसी तरह तकनीकी विकास और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ती रही, तो आने वाले समय में देवघर एक प्रमुख मेडिकल हब बन सकता है।
देवघर के त्रिदेव अस्पताल द्वारा पहली बार पेसमेकर लगाने की सफलता ने पूरे क्षेत्र में उम्मीद की नई किरण जगाई है। यह उपलब्धि न केवल चिकित्सा क्षेत्र में प्रगति का संकेत है, बल्कि आम लोगों के जीवन को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी है।

