By: Vikash Kumar (Vicky)

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया गया है। मंदिर के दानपात्र से पाकिस्तानी करेंसी मिलने की घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और पूरे मंदिर परिसर में बहुस्तरीय सुरक्षा इंतजाम लागू किए गए हैं। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या और सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।

मंगलवार से मंदिर के सभी प्रमुख प्रवेश द्वारों—सिंह द्वार, पूर्व द्वार, पश्चिम द्वार, पेड़ा गली और वीआईपी गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। हर प्रवेश द्वार पर सुरक्षा कर्मी तैनात हैं, जो मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की सघन जांच कर रहे हैं। खासकर बैग लेकर आने वाले श्रद्धालुओं पर विशेष नजर रखी जा रही है। बिना जांच के किसी भी व्यक्ति को मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए मैन्युअल मेटल डिटेक्टर का उपयोग किया जा रहा है। इसके जरिए हर श्रद्धालु की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मंदिर के अंदर प्रवेश न कर सके। इसके साथ ही मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की निगरानी को पहले से अधिक सख्त कर दिया गया है। कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

मंदिर मजिस्ट्रेट कमलेश कुमार स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। वे समय-समय पर मंदिर के सभी मुख्य द्वारों का निरीक्षण कर रहे हैं और वहां तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं। उन्होंने मौके पर मौजूद रहकर श्रद्धालुओं के बैग की जांच भी करवाई और सुनिश्चित किया कि जांच प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और सतर्कता के साथ हो। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार सुरक्षा व्यवस्था को सख्ती से लागू किया गया है और इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा मंदिर के सभी प्रवेश द्वारों पर आईआरबी (इंडियन रिजर्व बटालियन) के जवानों की भी तैनाती की गई है। ये जवान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार निगरानी कर रहे हैं और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। मंदिर परिसर में सादे लिबास में भी पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है, ताकि भीड़ में छिपकर किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा सके।
देवघर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) सौरभ ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि बाबा मंदिर की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि मंदिर में डेडिकेटेड पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है, जो 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रख रही है। उन्होंने कहा कि बैग लेकर आने वाले सभी श्रद्धालुओं की जांच अनिवार्य कर दी गई है और इस प्रक्रिया का सख्ती से पालन कराया जा रहा है।

एसपी ने यह भी जानकारी दी कि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए व्यापक स्तर पर सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। इसके तहत सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा में संभावित कमियों को दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन सभी संबंधित स्टेकहोल्डर्स से बातचीत कर एक स्थायी और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है।
मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन का यह प्रयास है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना करने का अवसर मिले। हालांकि, सुरक्षा जांच के कारण श्रद्धालुओं को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि यह कदम उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है। श्रद्धालुओं से भी अपील की गई है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

गौरतलब है कि बाबा बैद्यनाथ धाम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक है, जहां साल भर लाखों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यहां की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। हालिया घटना के बाद सुरक्षा में की गई सख्ती इस बात का संकेत है कि प्रशासन किसी भी तरह का जोखिम उठाने के मूड में नहीं है।
कुल मिलाकर, बाबा बैद्यनाथ धाम मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक और ठोस कदम उठाए गए हैं। प्रशासन का दावा है कि इन उपायों से मंदिर परिसर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा और श्रद्धालु निश्चिंत होकर भगवान शिव की पूजा कर सकेंगे।
