By: Vikash Kumar (vicky)

देवघर:
धार्मिक और पर्यटन नगरी देवघर में अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रही कार्रवाई के बीच मानवीय पहल का एक सकारात्मक उदाहरण सामने आया है। देवघर नगर निगम क्षेत्र के शंख मोड़ से सत्संग के बीच सड़क किनारे अपनी जीविका चलाने वाले सैकड़ों दुकानदारों को फिलहाल राहत मिल गई है। नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ दस्ते द्वारा लगातार माइकिंग कर सड़क को खाली कराने की अपील की जा रही थी, जिससे स्थानीय दुकानदारों में चिंता का माहौल बन गया था।

इसी बीच बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष दुकानदार एकजुट होकर मेयर रवि कुमार राउत के आवास पहुंचे और अपनी रोजी-रोटी बचाने की गुहार लगाई। दुकानदारों ने बताया कि सड़क किनारे दुकान लगाना ही उनके परिवार का एकमात्र सहारा है और अचानक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है।

स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मेयर रवि कुमार राउत खुद सत्संग क्षेत्र पहुंचे और मौके का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय पार्षद सरवर को भी बुलाया और पूरे इलाके की स्थिति तथा अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले अधिकांश लोग छोटे और जरूरतमंद व्यवसायी हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह इसी पर निर्भर है।

मेयर ने मौके पर ही अतिक्रमण हटाने वाली टीम को तत्काल प्रभाव से वापस लौटने का निर्देश दिया, जिससे दुकानदारों में राहत की लहर दौड़ गई। इसके बाद उन्होंने दुकानदारों के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें समझाया कि शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखना सभी नागरिकों की जिम्मेदारी है।
मेयर रवि कुमार राउत ने कहा कि “आप सभी इस नगर के नागरिक हैं और आपका व्यवसाय भी इस शहर की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन यह भी जरूरी है कि सड़कें अतिक्रमण मुक्त रहें ताकि आम लोगों को आवागमन में परेशानी न हो। आप लोग कम स्थान में व्यवस्थित तरीके से दुकान लगाएं और शहर की सुंदरता बनाए रखने में सहयोग करें।”

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि देवघर जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल में स्ट्रीट वेंडिंग के लिए उचित स्थान निर्धारित नहीं होने के कारण छोटे दुकानदारों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम इस दिशा में गंभीरता से काम करेगा और जल्द ही एक ठोस योजना तैयार की जाएगी ताकि दुकानदारों को स्थायी समाधान मिल सके।
मेयर ने आगे कहा कि “हम जल्द ही फुटकर विक्रेता संघ के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करेंगे और पूरे नगर क्षेत्र में स्ट्रीट वेंडिंग, अतिक्रमण और रोजगार से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करेंगे। हमारा उद्देश्य किसी की रोजी-रोटी छीनना नहीं, बल्कि शहर को व्यवस्थित करते हुए सभी को उचित अवसर देना है।”

मेयर के इस संवेदनशील और संतुलित फैसले की स्थानीय दुकानदारों, नागरिकों और समाजसेवियों ने जमकर सराहना की है। दुकानदारों ने भी आश्वासन दिया कि वे सड़क को पूरी तरह जाम नहीं करेंगे और निर्धारित सीमा में रहकर ही अपना व्यवसाय करेंगे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर नगर निगम द्वारा स्ट्रीट वेंडिंग के लिए निर्धारित स्थान और उचित व्यवस्था कर दी जाए, तो न केवल अतिक्रमण की समस्या खत्म होगी बल्कि छोटे व्यवसायियों को भी स्थायित्व मिलेगा। इससे शहर की यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी और पर्यटकों को भी सुविधा मिलेगी।
देवघर में हर साल लाखों श्रद्धालु बाबा धाम में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में शहर की सड़कों का सुचारू और व्यवस्थित होना बेहद जरूरी है। नगर निगम के सामने चुनौती है कि वह विकास, व्यवस्था और रोजगार के बीच संतुलन बनाए रखे।
इस पूरी घटना ने यह संदेश दिया है कि प्रशासन और जनता के बीच संवाद और संवेदनशीलता से कई जटिल समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। अब देखना यह होगा कि नगर निगम कब तक स्ट्रीट वेंडिंग को लेकर ठोस नीति बनाकर उसे लागू करता है।

