By: Vikash, Mala Mandal
नई दिल्ली: राजधानी में बढ़ते प्रदूषण और ईंधन पर निर्भरता को कम करने के लिए दिल्ली सरकार ने EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट जारी कर दिया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों (Electric Vehicles) को बढ़ावा देना और शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार करना है। ड्राफ्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, थ्री-व्हीलर और गुड्स व्हीकल खरीदने पर उपभोक्ताओं को भारी छूट और प्रोत्साहन दिए जाएंगे।

प्रदूषण पर लगाम लगाने की दिशा में बड़ा कदम
दिल्ली लंबे समय से वायु प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रही है। ऐसे में सरकार का यह कदम पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। EV पॉलिसी 2026 के तहत सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में अधिक से अधिक लोग पेट्रोल-डीजल वाहनों की जगह इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस नीति को प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो इससे दिल्ली में प्रदूषण स्तर में उल्लेखनीय कमी आ सकती है।

किन वाहनों पर मिलेगी सब्सिडी?
ड्राफ्ट पॉलिसी के अनुसार, सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर कई तरह की वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। इसमें शामिल हैं:
– इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर: आम लोगों के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद श्रेणी, जहां खरीद पर सीधी सब्सिडी मिलेगी
– इलेक्ट्रिक थ्री-व्हीलर (ई-रिक्शा): स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रोत्साहन
– इलेक्ट्रिक गुड्स व्हीकल: छोटे व्यवसायियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए आकर्षक छूट
सरकार का फोकस खासतौर पर उन वाहनों पर है जो शहर में ज्यादा चलते हैं और प्रदूषण फैलाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए केवल सब्सिडी ही नहीं, बल्कि चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए EV पॉलिसी 2026 में पूरे शहर में चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई गई है।
– हर कुछ किलोमीटर पर चार्जिंग स्टेशन
– आवासीय सोसायटी और ऑफिस में चार्जिंग सुविधा
– फास्ट चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार
इससे लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में आसानी होगी और ‘रेंज एंग्जायटी’ की समस्या भी कम होगी।

स्क्रैपेज पॉलिसी का भी मिलेगा लाभ
नई EV पॉलिसी में पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाने पर भी जोर दिया गया है। इसके तहत स्क्रैपेज पॉलिसी को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे लोग अपने पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने के लिए प्रेरित होंगे।
ऐसे उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक लाभ दिए जाने की संभावना है।

रोजगार के नए अवसर
EV सेक्टर के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। चार्जिंग स्टेशन, बैटरी मेंटेनेंस, सर्विसिंग और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में नौकरियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह नीति केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देगी।

सरकार का लक्ष्य
दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक शहर में रजिस्टर्ड कुल वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी को काफी बढ़ाया जाए। इसके लिए सरकार लगातार नई योजनाएं और प्रोत्साहन ला रही है।
EV पॉलिसी 2026 इसी दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम मानी जा रही है।

जनता और विशेषज्ञों से सुझाव आमंत्रित
यह फिलहाल ड्राफ्ट पॉलिसी है, जिसे अंतिम रूप देने से पहले जनता और विशेषज्ञों से सुझाव मांगे गए हैं। सरकार का कहना है कि सभी हितधारकों की राय लेने के बाद ही इस नीति को लागू किया जाएगा।
दिल्ली EV पॉलिसी 2026 का ड्राफ्ट पर्यावरण संरक्षण, आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। अगर यह नीति सफलतापूर्वक लागू होती है, तो आने वाले समय में दिल्ली इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के क्षेत्र में देश के लिए एक मॉडल बन सकती है।

