By: Vikash, Mala Mandal
आज का धार्मिक महत्व
13 अप्रैल 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है, जिसे वरूथिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है। यह एकादशी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

वरूथिनी एकादशी का महत्व
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से न केवल आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है, बल्कि यह व्रत व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है। इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।

धनिष्ठा नक्षत्र का विशेष संयोग
आज के दिन विशेष रूप से धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बन रहा है, जो इस तिथि के महत्व को और भी बढ़ा देता है। इस शुभ संयोग में किए गए धार्मिक कार्य, दान-पुण्य और पूजा-पाठ का कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज का दिन नए कार्यों की शुरुआत, व्रत, जप और तप के लिए अत्यंत शुभ माना जा रहा है।

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
आज के पंचांग के अनुसार, सूर्योदय प्रातः 05 बजकर 58 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त सायं 06 बजकर 46 मिनट पर होगा। दिन की शुरुआत और अंत के ये समय पूजा-पाठ और दैनिक कार्यों की योजना बनाने में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

चंद्रमा से जुड़ी जानकारी
चंद्रोदय 14 अप्रैल को रात्रि 03 बजकर 53 मिनट पर होगा, जबकि चंद्रास्त दोपहर 02 बजकर 33 मिनट पर होगा। चंद्रमा की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के मन और भावनाओं पर पड़ता है, इसलिए पंचांग में इसका विशेष महत्व होता है।

राहुकाल और शुभ मुहूर्त
राहुकाल के समय में कोई भी शुभ कार्य करने से बचना चाहिए। आज राहुकाल दोपहर के समय रहेगा, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचें। इसके अलावा अभिजीत मुहूर्त और अन्य शुभ समय में पूजा-पाठ और नए कार्यों की शुरुआत करना लाभकारी रहेगा।

व्रत और पूजा विधि
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरूथिनी एकादशी के दिन प्रातः स्नान कर भगवान विष्णु का ध्यान करें और व्रत का संकल्प लें। दिनभर व्रत रखकर शाम के समय विधि-विधान से पूजा करें। जरूरतमंदों को दान देना भी इस दिन अत्यंत शुभ माना गया है।

यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। किसी भी धार्मिक अनुष्ठान या निर्णय से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

