By: Vikash, Mala Mandal
वार्ड 35 के पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी की तत्परता से बची बड़ी घटना, पुलिस और जनप्रतिनिधि के समन्वय का दिखा बेहतरीन उदाहरण
देवघर नगर निगम क्षेत्र में मानवता और जिम्मेदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां वार्ड संख्या 35 के पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी उर्फ मुन्ना चौधरी (झामुमो महानगर अध्यक्ष) ने एक मानसिक रूप से अस्थिर युवती को सुरक्षित उसके परिजनों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी इस संवेदनशीलता और तत्परता की क्षेत्रभर में जमकर सराहना हो रही है। यह घटना न केवल जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि यदि समय रहते सही निर्णय लिया जाए तो किसी भी संभावित संकट को टाला जा सकता है।

सुबह के समय भटकती मिली युवती
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह लगभग 10:30 बजे ठाड़ी दुलमपुर बायपास रोड से डीएवी स्कूल की ओर जाने वाली सड़क पर एक युवती को इधर-उधर भटकते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि युवती मानसिक रूप से अस्थिर प्रतीत हो रही थी और रास्ता भटक जाने के कारण काफी परेशान थी। स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना वार्ड पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी को दी। सूचना मिलते ही पार्षद बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और युवती को सुरक्षित स्थान पर ले जाने का निर्णय लिया।

कार्यालय में दी सुरक्षा और सहारा
पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी ने मानवता का परिचय देते हुए युवती को अपने कार्यालय में बैठाया और उसे शांत करने का प्रयास किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामीण भी वहां मौजूद रहे। उन्होंने सुनिश्चित किया कि युवती को किसी प्रकार की असुविधा न हो और वह पूरी तरह सुरक्षित महसूस करे। यह कदम अत्यंत महत्वपूर्ण था, क्योंकि ऐसी स्थिति में अक्सर लोग घबराहट या असुरक्षा के कारण गलत निर्णय ले लेते हैं।

डायल 112 पर दी सूचना, पुलिस पहुंची मौके पर
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए पार्षद ने तत्काल डायल 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही कुंडा थाना की पुलिस टीम एएसआई तिलेश्वर यादव के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पार्षद ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी और युवती को उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने भी तत्परता दिखाते हुए युवती से पूछताछ की और उसकी पहचान सुनिश्चित करने का प्रयास शुरू किया।

युवती ने बताया अपना घर, पुलिस ने पहुंचाया सुरक्षित
पूछताछ के दौरान युवती ने अपना घर झोंसागढ़ी क्षेत्र में बताया। पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दिए गए पते के आधार पर उसके परिजनों से संपर्क स्थापित किया।
कुंडा थाना के एएसआई तिलेश्वर यादव के अनुसार, पार्षद की सजगता और त्वरित कार्रवाई के कारण युवती की पहचान समय पर हो सकी। इसके बाद पुलिस ने युवती को उसकी माता के सुपुर्द कर दिया। परिवार से मिलते ही युवती और उसके परिजनों के चेहरे पर राहत साफ झलक रही थी।

जनप्रतिनिधि और पुलिस के समन्वय की मिसाल
यह पूरी घटना जनप्रतिनिधियों और पुलिस प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। यदि पार्षद समय पर हस्तक्षेप नहीं करते और पुलिस को सूचना नहीं देते, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इस मामले में पार्षद की संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और सक्रियता ने एक बड़ी समस्या को टाल दिया। वहीं पुलिस की तत्परता ने भी इस कार्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।

क्षेत्र में हो रही सराहना
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी के इस कार्य की जमकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि आज के समय में ऐसे उदाहरण कम ही देखने को मिलते हैं, जब कोई जनप्रतिनिधि इतनी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करता है। स्थानीय नागरिकों ने इसे एक प्रेरणादायक कदम बताते हुए कहा कि इससे समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा और अन्य जनप्रतिनिधियों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।

प्रेरणा बना यह नेक कार्य
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि यदि जनप्रतिनिधि जागरूक और जिम्मेदार हों, तो समाज में कई समस्याओं का समाधान आसानी से किया जा सकता है। पार्षद प्रदीप कुमार चौधरी का यह कार्य न केवल मानवता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संकट की घड़ी में त्वरित निर्णय और सही कदम कितना महत्वपूर्ण होता है।

