By: Vikash, Mala Mandal
देवघर। विश्व लैब टेक्निशियन डे के अवसर पर देवघर सदर अस्पताल स्थित प्रयोगशाला में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रयोगशाला प्रभारी मनोज कुमार मिश्र ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर शब्द कांत मिश्र उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि स्वागत से हुई, जहां मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर लैब टेक्निशियनों की भूमिका, उनकी चुनौतियों और स्वास्थ्य व्यवस्था में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान पूरे झारखंड के सबसे वरीय लैब टेक्निशियन, वर्ष 1990 से सेवा दे रहे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जसीडीह में पदस्थापित विनय कुमार एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवीपुर के चन्द्रमोहन कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। दोनों को अंगवस्त्र और पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया, जिससे समारोह का माहौल उत्साहपूर्ण हो उठा।

कार्यक्रम में केक काटकर विश्व लैब टेक्निशियन डे को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। उपस्थित सभी कर्मियों ने इस दिन को अपने पेशे के प्रति समर्पण और सेवा भावना को पुनः स्मरण करने का अवसर बताया।

मुख्य अतिथि डॉक्टर शब्द कांत मिश्र ने अपने संबोधन में कहा कि लैब टेक्निशियन स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ होते हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के सही इलाज के लिए सटीक जांच अत्यंत आवश्यक होती है, और यह जिम्मेदारी लैब टेक्निशियन बखूबी निभाते हैं। उनके बिना चिकित्सा व्यवस्था अधूरी है।

वहीं, वरिष्ठ लैब टेक्निशियन विश्वनाथ बक्शी ने कहा कि लैब कर्मी पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, लेकिन उन्हें उनके कार्य के अनुरूप सम्मान नहीं मिल पाता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि लैब टेक्निशियनों के योगदान को उचित मान्यता दी जाए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज कुमार मिश्र ने लैब टेक्निशियनों की कार्य परिस्थितियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ये कर्मी हमेशा संक्रमण के खतरे के बीच कार्य करते हैं। इसके बावजूद उन्हें उनके कार्य की गंभीरता के अनुरूप वेतन नहीं मिल पाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में नियुक्ति, नियमित, अनुबंध और आउटसोर्सिंग कर्मियों के बीच वेतन में भारी असमानता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि सभी लैब टेक्निशियनों को समान वेतन दिया जाए और ग्रेड पे 4200 से शुरू किया जाए।

इस दौरान यह भी बताया गया कि देवघर सदर अस्पताल की प्रयोगशाला अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित है, जहां किफायती दरों पर विश्वसनीय जांच की सुविधा उपलब्ध है। यह लैब न केवल देवघर बल्कि संथाल परगना और पूरे झारखंड में अपनी विश्वसनीयता के लिए जानी जा रही है। स्थानीय लोगों के लिए यह लैब स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लैब टेक्निशियन और स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से विनय कुमार, चन्द्रमोहन कुमार, सौरभ रिचर्ड, विश्वनाथ बक्शी, पारस नाथ अंबे, अनिल कुमार गुप्ता, विभूति कुमार, प्रज्ञा कुमारी, संजीव कुमार मिश्र, बुद्धिनाथ झा, पुनीत कुमार, बबीता कुमारी, रानी रीतम, मीना झा, श्वेता भारती, पिंटो कुमार, अक्षय तिवारी, विवेक कुमार, शैलेश कुमार, मनसिका भारती, पुष्पा कुमारी, कोमल, पिंकी, अजित कुमार महतो, राहुल किस्कू, जीवन कुमार, सदानंद कुमार, शिवानी, जुली, वृंदा, रिंकू और गणेश सहित कई अन्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में सभी ने एकजुट होकर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और लैब टेक्निशियनों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि लैब टेक्निशियन न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, बल्कि उनके बिना चिकित्सा सेवाओं की कल्पना भी अधूरी है।

