By: Vikash Kumar Raut(Vicky)
डायबिटीज यानी शुगर की बीमारी में खानपान का सबसे बड़ा रोल माना जाता है। जरा सी लापरवाही ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ा सकती है। ऐसे में डायबिटीज के मरीज अक्सर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि कौन सी चीज खानी चाहिए और कौन सी नहीं। खासकर दही को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं। कुछ लोग मानते हैं कि दही खाने से शुगर बढ़ सकती है, जबकि कुछ इसे हेल्दी फूड बताते हैं। अगर आप भी इस कंफ्यूजन में हैं कि डायबिटीज में दही खाना सही है या नहीं, तो डाइटिशियन की राय आपके लिए मददगार हो सकती है।

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक सही मात्रा और सही समय पर दही का सेवन डायबिटीज मरीजों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। दही में मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई तरह के फायदे पहुंचाते हैं और यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में भी मदद कर सकता है।
क्या डायबिटीज में दही खा सकते हैं?
डाइटिशियन स्वाति सिंह के अनुसार दही का ग्लाइसेमिक इंडेक्स यानी GI काफी कम होता है। कम GI वाले फूड्स धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक बढ़ने नहीं देते। यही वजह है कि डायबिटीज मरीज सीमित मात्रा में दही का सेवन कर सकते हैं।
दही में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटेशियम, विटामिन बी12 और विटामिन डी जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें कार्बोहाइड्रेट की मात्रा कम होती है, जिससे यह डायबिटीज मरीजों के लिए एक हेल्दी ऑप्शन बन जाता है। इसके अलावा दही एक नेचुरल प्रोबायोटिक भी है, जो आंतों को स्वस्थ रखने और पाचन सुधारने में मदद करता है।

डायबिटीज मरीजों के लिए दही क्यों फायदेमंद है?
दही में मौजूद प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। इससे ओवरईटिंग की समस्या कम होती है और वजन कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। वजन कंट्रोल रहना डायबिटीज मरीजों के लिए बेहद जरूरी माना जाता है।
दही शरीर में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाता है, जिससे गट हेल्थ बेहतर होती है। कई रिसर्च में यह भी पाया गया है कि हेल्दी गट ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। दही में मौजूद कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करते हैं।

किस तरह का दही खाना चाहिए?
डायबिटीज मरीजों को हमेशा सादा और ताजा दही खाना चाहिए। बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड या मीठे दही से बचना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर की मात्रा ज्यादा हो सकती है। घर का बना ताजा दही सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है।
लो-फैट या बिना मलाई वाला दही ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। अगर आप चाहें तो दही में खीरा, भुना जीरा, पुदीना या थोड़े से चिया सीड्स मिलाकर खा सकते हैं। इससे स्वाद भी बढ़ेगा और पोषण भी मिलेगा।

डायबिटीज में दही खाने का सही समय क्या है?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक दोपहर के समय दही खाना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। लंच के साथ दही खाने से पाचन बेहतर होता है और ब्लड शुगर लेवल भी संतुलित रह सकता है। रात में दही खाने से कुछ लोगों को सर्दी, कफ या पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है, इसलिए रात में दही सीमित मात्रा में ही खाएं।
दही को खाली पेट खाने से बचना चाहिए। इसे हमेशा खाने के साथ या खाने के बाद लेना बेहतर माना जाता है।

कितनी मात्रा में दही खाना सही है?
डायबिटीज मरीजों के लिए रोजाना एक छोटी कटोरी दही पर्याप्त मानी जाती है। हालांकि हर व्यक्ति की हेल्थ कंडीशन अलग होती है, इसलिए अपनी डाइट में किसी भी चीज को शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह जरूर लें।

इन बातों का रखें खास ध्यान
मीठा दही या पैकेट वाला फ्लेवर्ड योगर्ट खाने से बचें।
दही में चीनी मिलाकर न खाएं।
बहुत ज्यादा मात्रा में दही खाने से बचें।
अगर लैक्टोज इनटॉलरेंस की समस्या है तो डॉक्टर से सलाह लें।
दही को हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज के साथ ही शामिल करें।

क्या दही खाने से ब्लड शुगर बढ़ता है?
सादा और बिना चीनी वाला दही सीमित मात्रा में खाने से आमतौर पर ब्लड शुगर तेजी से नहीं बढ़ता। बल्कि इसमें मौजूद प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स शरीर को कई फायदे पहुंचाते हैं। हालांकि हर व्यक्ति का शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया देता है, इसलिए नियमित रूप से ब्लड शुगर मॉनिटर करते रहना जरूरी है।

इस लेख में दी गई जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी मान्यताओं और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। यह किसी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी बीमारी या डाइट से जुड़ा फैसला लेने से पहले डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।

