By: Mala Mandal
कोलकाता/नॉर्थ 24 परगना: पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक हिंसा ने बड़ा रूप ले लिया है। नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के करीबी और उनके निजी सहायक (PA) की नॉर्थ 24 परगना जिले में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। वहीं दूसरी ओर बशीरहाट में भी भाजपा के एक कार्यकर्ता पर अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर दी, जिससे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जानकारी के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी के पीए पर हमलावरों ने बेहद करीब से ताबड़तोड़ चार गोलियां चलाईं। गोली लगने के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमला बेहद सुनियोजित तरीके से किया गया। बताया जा रहा है कि बाइक सवार बदमाश पहले से घात लगाकर बैठे थे। जैसे ही सुवेंदु अधिकारी के पीए मौके पर पहुंचे, हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली चलने की आवाज सुनते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
भाजपा ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य में लोकतंत्र खतरे में है और राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए राज्य सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि अब खुलेआम भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। सुवेंदु अधिकारी ने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
इधर, बशीरहाट में भाजपा के एक अन्य कार्यकर्ता पर भी फायरिंग की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि देर रात कुछ अज्ञात हमलावरों ने भाजपा कार्यकर्ता पर गोली चला दी। हालांकि इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।

लगातार सामने आ रही हिंसक घटनाओं से राज्य की राजनीति गरमा गई है। भाजपा ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में विपक्षी दलों के लोगों को डराने और दबाने के लिए हिंसा का सहारा लिया जा रहा है। पार्टी नेताओं ने कहा कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।
दूसरी ओर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। टीएमसी नेताओं का कहना है कि हर घटना को राजनीतिक रंग देना भाजपा की पुरानी रणनीति है। पार्टी ने कहा कि पुलिस अपना काम कर रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

घटना के बाद पूरे नॉर्थ 24 परगना और बशीरहाट इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल के दौरान हिंसक घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। भाजपा और टीएमसी के बीच टकराव अब सड़क से लेकर गांवों तक पहुंच चुका है। ऐसे में लगातार हो रही फायरिंग और हत्या की घटनाएं आम लोगों के बीच भय का माहौल पैदा कर रही हैं।

स्थानीय लोगों ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। लोगों का कहना है कि राज्य में आए दिन गोलीबारी और हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे आम नागरिक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई लोगों ने सरकार से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
फिलहाल पुलिस ने हत्या और फायरिंग दोनों मामलों में अलग-अलग केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हिंसा और सुरक्षा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

अब सभी की नजर पुलिस जांच और राज्य सरकार की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है। भाजपा इस मुद्दे को लेकर लगातार राज्य सरकार पर हमलावर है, जबकि टीएमसी कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा कर रही है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ सकता है।

