By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
दुबई की पहचान बन चुके दुनिया की सबसे ऊंची इमारत Burj Khalifa के डेवलपर और प्रसिद्ध कारोबारी Mohamed Alabbar ने भारतीय कर्मचारियों की जमकर तारीफ की है। उन्होंने भारतीयों के काम करने के तरीके को दुनिया में सबसे बेहतरीन बताते हुए कहा कि भारतीय कर्मचारी बेहद मेहनती, समर्पित और जिम्मेदार होते हैं।

मोहम्मद अलाब्बार का यह बयान सोशल मीडिया से लेकर कारोबारी जगत तक चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीयों को नौकरी पर रखना बेहद पसंद है, क्योंकि भारतीय कर्मचारी किसी भी समय काम के लिए तैयार रहते हैं।
“रात 1 बजे भी फोन उठाते हैं भारतीय”
एक कार्यक्रम के दौरान मोहम्मद अलाब्बार ने कहा कि भारतीयों की सबसे बड़ी खासियत उनकी कार्य संस्कृति और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा,
> “अगर आप भारतीय कर्मचारियों को रात के 1 बजे भी फोन करेंगे, तो वे जवाब देंगे और काम पूरा करने के लिए तैयार मिलेंगे।”
उन्होंने कहा कि भारतीय कर्मचारियों में अनुशासन, मेहनत और टीम भावना कूट-कूटकर भरी होती है। यही वजह है कि दुनियाभर की बड़ी कंपनियां भारतीय प्रतिभाओं पर भरोसा करती हैं।

दुबई की तरक्की में भारतीयों का बड़ा योगदान
दुबई और संयुक्त अरब अमीरात की आर्थिक तरक्की में भारतीय समुदाय का योगदान काफी अहम माना जाता है। निर्माण कार्य, आईटी सेक्टर, हेल्थकेयर, होटल इंडस्ट्री, बैंकिंग और बिजनेस जैसे कई क्षेत्रों में भारतीय पेशेवर बड़ी संख्या में काम कर रहे हैं। India से हर साल लाखों लोग बेहतर रोजगार और व्यापार के अवसरों के लिए United Arab Emirates जाते हैं। दुबई की कई बड़ी कंपनियों में भारतीय कर्मचारी महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीयों की मेहनत, तकनीकी दक्षता और कम समय में परिणाम देने की क्षमता ने उन्हें वैश्विक स्तर पर खास पहचान दिलाई है।

कौन हैं मोहम्मद अलाब्बार?
मोहम्मद अलाब्बार दुबई के सबसे बड़े बिजनेस टायकून में गिने जाते हैं। वे Emaar Properties के संस्थापक हैं। इसी कंपनी ने दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा का निर्माण कराया था। इसके अलावा दुबई मॉल समेत कई बड़े प्रोजेक्ट भी उनकी कंपनी द्वारा विकसित किए गए हैं। रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मोहम्मद अलाब्बार का नाम काफी सम्मान के साथ लिया जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ बयान
मोहम्मद अलाब्बार का यह बयान सामने आने के बाद सोशल media पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे भारतीयों की मेहनत और समर्पण की वैश्विक पहचान बताया, जबकि कुछ लोगों ने इसे भारतीय कर्मचारियों पर अत्यधिक कार्य दबाव से भी जोड़कर देखा।
हालांकि, ज्यादातर यूजर्स ने इसे भारतीय कार्य संस्कृति की सराहना माना है। लोगों का कहना है कि भारतीय कर्मचारी दुनिया के हर कोने में अपनी मेहनत और प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं।

दुनिया में बढ़ रही भारतीय प्रोफेशनल्स की मांग
आईटी, इंजीनियरिंग, मेडिकल, फाइनेंस और मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भारतीय प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और खाड़ी देशों में भारतीय विशेषज्ञ बड़ी संख्या में कार्यरत हैं।
वैश्विक कंपनियां भारतीय कर्मचारियों को उनकी तकनीकी योग्यता, अंग्रेजी पर पकड़ और कठिन परिस्थितियों में काम करने की क्षमता के कारण प्राथमिकता देती हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारतीय युवाओं की वैश्विक मांग और अधिक बढ़ सकती है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा युवा देश है और यहां की प्रतिभाएं अब अंतरराष्ट्रीय कंपनियों की पहली पसंद बनती जा रही हैं।

भारतीय कार्य संस्कृति की फिर हुई सराहना
मोहम्मद अलाब्बार का बयान ऐसे समय आया है, जब दुनियाभर में भारतीय टैलेंट की चर्चा तेज है। माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एडोबी और कई बड़ी वैश्विक कंपनियों में भारतीय मूल के अधिकारी शीर्ष पदों पर मौजूद हैं।
दुबई के बड़े कारोबारी द्वारा भारतीयों की तारीफ को भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे यह भी साबित होता है कि भारतीय कर्मचारी अपनी मेहनत और समर्पण से दुनिया भर में खास पहचान बना रहे हैं।

