By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड में लगातार बढ़ती महंगाई को लेकर अब राजनीतिक विरोध तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के आह्वान पर गुरुवार को देवघर समाहरणालय के समक्ष एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, स्थानीय नेता और आम लोग शामिल हुए। धरने में देवघर के मेयर रवि राउत भी शामिल हुए और केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर जमकर हमला बोला।

धरना प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर महंगाई के खिलाफ नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि देश में रसोई गैस, पेट्रोल-डीजल, खाद्य सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम लगातार बढ़ते जा रहे हैं, जिससे आम लोगों का जीवन कठिन हो गया है।

मेयर रवि राउत ने कहा कि आज गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा परेशान हैं। रसोई गैस सिलेंडर की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। कमर्शियल सिलेंडर करीब ₹1000 तक महंगा हो चुका है, जबकि घरेलू गैस सिलेंडर के दाम भी आम परिवारों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महंगाई रोकने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।
उन्होंने कहा कि महंगाई का असर सिर्फ रसोई तक सीमित नहीं है, बल्कि हर क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखाई दे रहा है। चाय-नाश्ता, दूध, सब्जी, खाद्य तेल, दाल और अन्य जरूरी सामानों की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। यहां तक कि हवाई किराया और परिवहन सेवाओं पर भी महंगाई का असर देखा जा रहा है। ऐसे में आम आदमी की जेब पर लगातार अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।

धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने में लगी है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग महंगाई की मार झेलने को मजबूर है। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि रोजगार के अवसर कम होते जा रहे हैं और बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है। युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा, जबकि महंगाई हर दिन नई ऊंचाई छू रही है।
JMM नेताओं ने कहा कि आर्थिक न्याय, रोजगार और महंगाई जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार जल्द से जल्द महंगाई पर नियंत्रण के लिए प्रभावी नीति लागू करे और आम जनता को राहत देने का काम करे।

धरने के दौरान नेताओं ने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों की स्थिति सबसे ज्यादा खराब हो चुकी है। महंगाई के कारण लोगों का मासिक बजट पूरी तरह बिगड़ गया है। पहले जहां एक परिवार सीमित आय में अपना खर्च चला लेता था, वहीं अब रसोई का खर्च ही आय का बड़ा हिस्सा खा जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सरकार जल्द राहत देने के लिए कदम नहीं उठाती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि महंगाई के मुद्दे पर जनता अब चुप बैठने वाली नहीं है।

धरना कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया। समाहरणालय परिसर के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। हालांकि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि महंगाई का मुद्दा आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक विषय बन सकता है। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है और विपक्षी दल इसे जनता से जुड़े सबसे बड़े मुद्दे के रूप में उठा रहे हैं।
देवघर में आयोजित इस धरना प्रदर्शन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर कब तक आम जनता बढ़ती महंगाई का बोझ उठाती रहेगी। लोगों की निगाहें अब सरकार की अगली रणनीति और फैसलों पर टिकी हुई हैं।

