By: Mala Mandal
देवघर जिले के रामपुर गांव की रहने वाली होनहार छात्रा रिया भारती ने प्लस टू परीक्षा में 80 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार, स्कूल और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रिया की इस सफलता से गांव में खुशी का माहौल है। परिवार के लोग, रिश्तेदार और आसपास के ग्रामीण लगातार उन्हें बधाई दे रहे हैं।

रिया भारती ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद प्लस टू की पढ़ाई सारवा हाई स्कूल से पूरी की। सीमित संसाधनों के बावजूद रिया ने कभी अपनी पढ़ाई से समझौता नहीं किया और लगातार मेहनत करती रहीं।
रिया के पिता अनिल प्रसाद यादव और माता क्रांति देवी अपनी बेटी की सफलता से बेहद खुश हैं। परिवार का कहना है कि रिया शुरू से ही पढ़ाई में काफी मेहनती और अनुशासित रही हैं। यही कारण है कि उन्होंने अच्छे अंक प्राप्त कर अपने परिवार का सपना पूरा किया है।

बातचीत के दौरान रिया भारती ने बताया कि उनका सपना डॉक्टर बनना है। वह आगे मेडिकल की पढ़ाई करना चाहती हैं ताकि लोगों की सेवा कर सकें। रिया ने कहा कि वह पढ़-लिखकर एक अच्छी डॉक्टर बनकर देश की सेवा करना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि समाज में गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर इलाज मिलना चाहिए और इसी उद्देश्य को लेकर वह आगे बढ़ना चाहती हैं।

रिया ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा-दादी को दिया। उन्होंने कहा कि उनके दादा और दादी ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। कठिन परिस्थितियों में भी परिवार ने उनका मनोबल बढ़ाया और आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
रिया ने कहा, “आज मैं जिस मुकाम पर पहुंची हूं, उसमें मेरे दादा-दादी की सबसे बड़ी भूमिका है। उनकी प्रेरणा और आशीर्वाद की वजह से ही मैं यहां तक पहुंच पाई हूं। अगर उनका आशीर्वाद बना रहा तो मैं एक दिन डॉक्टर बनकर देश की सेवा जरूर करूंगी।”

रिया की इस उपलब्धि से सारवा हाई स्कूल के शिक्षकों में भी खुशी है। स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि रिया शुरू से ही एक मेधावी छात्रा रही हैं। वह पढ़ाई के प्रति गंभीर रहती थीं और नियमित रूप से स्कूल आकर पढ़ाई करती थीं। शिक्षकों का मानना है कि अगर इसी तरह मेहनत जारी रही तो रिया भविष्य में बड़ी सफलता जरूर हासिल करेंगी।
ग्रामीणों का कहना है कि रिया की सफलता गांव की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। आज के समय में ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और अपनी मेहनत के दम पर नए मुकाम हासिल कर रही हैं। रिया भारती की सफलता भी इसी बदलाव की एक मिसाल है।

परिजनों ने बताया कि रिया पढ़ाई के साथ-साथ घर के कामों में भी हाथ बंटाती थीं। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान दिया और अच्छे अंक प्राप्त किए। परिवार को उम्मीद है कि आने वाले समय में रिया मेडिकल की पढ़ाई में भी बेहतर प्रदर्शन करेंगी।
आज शिक्षा के क्षेत्र में बेटियां लगातार अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। ऐसे में रिया भारती जैसी छात्राओं की सफलता समाज में सकारात्मक संदेश देने का काम करती है। उनकी मेहनत और संघर्ष यह साबित करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए तो सफलता जरूर मिलती है।

रिया की सफलता के बाद गांव के कई लोगों ने उनके घर पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों ने कहा कि रिया ने पूरे गांव का नाम रोशन किया है और आने वाले समय में वह निश्चित रूप से एक सफल डॉक्टर बनेंगी।

देवघर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बेहतर परिणाम देखने को मिल रहे हैं। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राएं अब शिक्षा को लेकर काफी जागरूक हो चुकी हैं। रिया भारती की सफलता इसी जागरूकता और मेहनत का परिणाम है।
रिया अब आगे की पढ़ाई की तैयारी में जुट गई हैं। उनका लक्ष्य मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर डॉक्टर बनना है। परिवार और शिक्षकों को विश्वास है कि रिया आने वाले समय में अपने सपनों को जरूर पूरा करेंगी और देश सेवा के अपने उद्देश्य में सफल होंगी।

