By: Mala Mandal
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को लेकर उपायुक्त ने दिए कड़े निर्देश
देवघर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। शुक्रवार को समाहरणालय सभागार में आयोजित इस बैठक में जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका प्रभाव धरातल पर भी दिखाई देना चाहिए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों, सदर अस्पताल और अनुमंडल अस्पतालों में उपलब्ध सुविधाओं, चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं की गहन समीक्षा की। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश देते हुए कहा कि ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है।

सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने पर जोर
उपायुक्त ने कहा कि जिले के दूरदराज क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों, एएनएम या अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की अनुपस्थिति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में स्वास्थ्य कर्मियों और एएनएम के रेशनलाइजेशन पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जहां कर्मियों की कमी है, वहां आवश्यकतानुसार समायोजन किया जाए ताकि प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर पर्याप्त संख्या में चिकित्सा कर्मी उपलब्ध रह सकें।

सभी एम्बुलेंस और ममता वाहनों को सक्रिय रखने का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी एम्बुलेंस और ममता वाहनों की स्थिति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी वाहन पूरी तरह सक्रिय और सुव्यवस्थित स्थिति में रहें ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों के लिए एम्बुलेंस सेवा अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे में किसी भी वाहन के खराब या निष्क्रिय रहने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।

शत-प्रतिशत टीकाकरण अभियान पर विशेष जोर
उपायुक्त ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में चल रहे सभी टीकाकरण अभियानों को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, एएनसी जांच, एसआईवी जांच, आयरन की गोलियों के वितरण और संस्थागत प्रसव को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन क्षेत्रों में संस्थागत प्रसव का प्रतिशत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर महिलाओं को जागरूक किया जाए। साथ ही होम डिलीवरी को कम कर अधिक से अधिक संस्थागत डिलीवरी सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।

ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने का निर्देश
बैठक में सदर अस्पताल समेत सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी और इमरजेंसी सेवाओं को मजबूत करने को लेकर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिलनी चाहिए। इसके लिए दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सकों की उपस्थिति और आवश्यक चिकित्सा उपकरणों का संचालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सदर अस्पताल में बंद पड़ी अल्ट्रासाउंड मशीन और ऑक्सीजन प्लांट को जल्द चालू करने का निर्देश अस्पताल उपाधीक्षक को दिया। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आम जनता को स्वास्थ्य सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्य योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में आयुष्मान भारत योजना, अनीमिया मुक्त भारत अभियान, टीबी मुक्त अभियान, मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, एचआईवी कार्यक्रम और पीएम-अभिम जैसी विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ योग्य लाभुकों तक समय पर पहुंचाया जाए।
उन्होंने बेसिक मेडिकल केयर को मजबूत करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता का आकलन करने का भी निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जहां जरूरत होगी, वहां अतिरिक्त चिकित्सकों और कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कई अधिकारी और चिकित्सक रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा, सिविल सर्जन, एसीएमओ, अस्पताल उपाधीक्षक, डब्ल्यूएचओ प्रतिनिधि, विभिन्न प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीएम, चिकित्सकों की टीम और स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
प्रशासन की इस समीक्षा बैठक को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखने वाली बात होगी कि बैठक में दिए गए निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर कितनी तेजी से दिखाई देता है।

