By: Mala Mandal
पंजाब की राजनीति में शनिवार को उस समय बड़ा भूचाल आ गया जब पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता संजीव अरोड़ा को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि सुबह-सुबह ईडी की टीम ने चंडीगढ़ स्थित उनके सरकारी आवास पर छापेमारी की थी। कई घंटों तक चली पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

इस कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से काम करने का आरोप लगाया है।
सुबह से चली ईडी की कार्रवाई
सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय की टीम भारी सुरक्षा बल के साथ चंडीगढ़ स्थित मंत्री संजीव अरोड़ा के सरकारी आवास पहुंची। ईडी अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। करीब कई घंटे तक चली पूछताछ के दौरान ईडी अधिकारियों ने संजीव अरोड़ा से कथित आर्थिक अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों में सवाल-जवाब किए। इसके बाद एजेंसी ने उन्हें हिरासत में ले लिया।

हालांकि ईडी की तरफ से अभी तक आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही जांच का हिस्सा है।
आम आदमी पार्टी में मचा हड़कंप
कैबिनेट मंत्री की गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में हड़कंप मच गया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता तुरंत चंडीगढ़ पहुंच गए। AAP नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी का कहना है कि भाजपा राजनीतिक रूप से मजबूत हो रही आम आदमी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

पार्टी प्रवक्ताओं ने कहा कि संजीव अरोड़ा कानून का सम्मान करते हैं और जांच में पूरा सहयोग करेंगे। साथ ही उन्होंने दावा किया कि यह मामला पूरी तरह राजनीतिक प्रेरित है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस और भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि आम आदमी पार्टी खुद को ईमानदार बताती रही है, लेकिन अब उसके मंत्री भी जांच एजेंसियों के घेरे में आ रहे हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है। कांग्रेस ने भी पंजाब सरकार से इस मामले पर जवाब मांगा है।

कौन हैं संजीव अरोड़ा?
संजीव अरोड़ा पंजाब की राजनीति में एक बड़ा नाम माने जाते हैं। वे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं में शामिल हैं और पंजाब सरकार में अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में भी उनकी मजबूत पहचान रही है। राजनीति में आने से पहले वे कारोबारी गतिविधियों और सामाजिक कार्यों को लेकर चर्चा में रहे थे। पार्टी संगठन और सरकार दोनों में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को आम आदमी पार्टी के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?
हालांकि ईडी ने अब तक आधिकारिक तौर पर पूरे मामले का खुलासा नहीं किया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार जांच कथित वित्तीय अनियमितताओं, संदिग्ध लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ कारोबारी सौदों और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को लेकर एजेंसी पिछले काफी समय से जांच कर रही थी। इसी सिलसिले में आज छापेमारी और गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। अब संजीव अरोड़ा को मेडिकल जांच के बाद अदालत में पेश किया जा सकता है, जहां ईडी उनकी रिमांड की मांग करेगी।

पंजाब की राजनीति पर पड़ेगा असर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस गिरफ्तारी का असर पंजाब की राजनीति पर साफ दिखाई देगा। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश करेगा, जबकि आम आदमी पार्टी इसे राजनीतिक साजिश बताकर जनता के बीच जाएगी। लोकसभा चुनाव और आने वाले राजनीतिक समीकरणों के बीच यह मामला पंजाब में बड़ा मुद्दा बन सकता है। आने वाले दिनों में ईडी की जांच और राजनीतिक बयानबाजी दोनों तेज होने की संभावना है।

फिलहाल सबकी नजर अगली कार्रवाई पर
फिलहाल पूरे मामले में सबकी नजर ईडी की अगली कार्रवाई और अदालत की सुनवाई पर टिकी हुई है। यदि एजेंसी को पूछताछ में नए तथ्य मिलते हैं तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी ने पंजाब की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है और आने वाले दिनों में यह मामला राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन सकता है।

