By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
आज सोमवार, 11 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है, जो दोपहर 03 बजकर 24 मिनट तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। आज शतभिषा नक्षत्र और विडाल योग का विशेष संयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों और दैनिक कार्यों पर देखने को मिल सकता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, आज चंद्रमा कुंभ राशि में संचरण करेंगे। साथ ही भद्रा, पंचक और आडल योग का भी प्रभाव रहेगा। ऐसे में आज किसी भी शुभ कार्य, यात्रा, निवेश या पूजा-पाठ से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है। आइए जानते हैं 11 मई 2026 का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और आज का विशेष महत्व।
सूर्य और चंद्रमा का समय
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 37 मिनट पर होगा, जबकि सूर्यास्त शाम 6 बजकर 57 मिनट पर होगा। वहीं चंद्रमा का उदय 11 मई को रात 1 बजकर 46 मिनट पर और चंद्रास्त दोपहर 1 बजकर 22 मिनट पर होगा। ज्योतिष में सूर्य और चंद्रमा की स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि इनका प्रभाव व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक जीवन पर पड़ता है।

आज की तिथि और नक्षत्र
वैदिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि दोपहर 03:24 बजे तक रहेगी। इसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी, जो अगले दिन तक जारी रहेगी। आज शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। यह नक्षत्र आध्यात्मिक कार्यों, शोध, शिक्षा और नए विचारों के लिए शुभ माना जाता है।
आज बन रहा है विडाल योग
आज विडाल योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को मिश्रित फल देने वाला माना गया है। ऐसे में आज लोगों को किसी भी बड़े निर्णय में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि धार्मिक कार्य, ध्यान और पूजा-पाठ के लिए दिन अच्छा माना जा रहा है।

विक्रम संवत और शक संवत
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थि चल रहा है, जबकि शक संवत 1948 पराभव है। पूर्णिमांत पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ माह और अमांत पंचांग के अनुसार वैशाख माह चल रहा है।
आज का करण
आज गर करण दोपहर 03 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण प्रारंभ होगा। करण का उपयोग शुभ कार्यों और ज्योतिषीय गणनाओं में किया जाता है।

आज का राहुकाल
सोमवार का राहुकाल सुबह 07 बजकर 17 मिनट से 08 बजकर 57 मिनट तक रहेगा। इस दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए। ज्योतिष में राहुकाल को अशुभ समय माना जाता है।
यमगण्ड और अन्य अशुभ मुहूर्त
आज यमगण्ड काल सुबह 10 बजकर 37 मिनट से दोपहर 12 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा कुलिक काल दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 03 बजकर 37 मिनट तक रहेगा।
दुर्मुहूर्त का समय दोपहर 12:44 बजे से 01:37 बजे तक और फिर 03:24 बजे से 04:17 बजे तक रहेगा।
वर्ज्यम् काल सुबह 08:13 बजे से 09:52 बजे तक रहेगा। इस दौरान शुभ कार्यों से बचना बेहतर माना जाता है।

आज के शुभ मुहूर्त
आज अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक रहेगा। यह समय सभी प्रकार के शुभ और मांगलिक कार्यों के लिए श्रेष्ठ माना जाता है।
वहीं अमृत काल शाम 06:04 बजे से 07:42 बजे तक रहेगा।
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:00 बजे से 04:48 बजे तक रहेगा। धार्मिक कार्य, ध्यान, जप और पूजा के लिए यह समय सबसे उत्तम माना गया है।

धार्मिक दृष्टि से क्यों खास है आज का दिन
सोमवार भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। ऐसे में आज शिव पूजा, रुद्राभिषेक और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना विशेष फलदायी हो सकता है। ज्येष्ठ माह में भगवान शिव की पूजा करने से मानसिक शांति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। शतभिषा नक्षत्र में ध्यान और आध्यात्मिक कार्य करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

आज क्या करें और क्या नहीं
आज सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर भगवान शिव की पूजा करना शुभ रहेगा। जरूरतमंद लोगों को दान करने से लाभ मिल सकता है। हालांकि राहुकाल और दुर्मुहूर्त में नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए। किसी भी बड़े निवेश या यात्रा से पहले शुभ मुहूर्त जरूर देखें।
यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और वैदिक पंचांग पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और पंचांगों के अनुसार समय और गणनाओं में अंतर संभव है। किसी भी शुभ कार्य से पहले विशेषज्ञ या आचार्य की सलाह अवश्य लें।

