By: Vikash Kumar Raut ( Vicky)
आज शनिवार, 16 मई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि है, जिसे ज्येष्ठ अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस पावन दिन पर शनि जयंती और वट सावित्री व्रत भी मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है, वहीं शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को और भी शुभ माना जाता है। आज के दिन शनिदेव की पूजा, पीपल वृक्ष की परिक्रमा, दान-पुण्य और व्रत रखने से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है।

पंचांग के अनुसार आज अमावस्या तिथि पूरे दिन रहने वाली है और देर रात 1 बजकर 30 मिनट तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि आरंभ होगी। आज भरणी और कृत्तिका नक्षत्र का संयोग बन रहा है। वहीं सौभाग्य और शोभन योग का निर्माण भी दिन को खास बना रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इन शुभ योगों में पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्य करने से कई गुना अधिक पुण्य फल प्राप्त होता है।
आज का पंचांग 16 मई 2026
तिथि – अमावस्या तिथि, जो 17 मई की रात 1:30 बजे तक रहेगी, इसके बाद शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा आरंभ होगी।
पक्ष – कृष्ण पक्ष
वार – शनिवार
नक्षत्र – भरणी नक्षत्र शाम 5:30 बजे तक रहेगा, इसके बाद कृत्तिका नक्षत्र आरंभ होगा।
योग – सौभाग्य योग सुबह 10:26 बजे तक रहेगा, इसके बाद शोभन योग प्रारंभ होगा।

शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का महत्व
आज शनि जयंती भी मनाई जा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन सूर्यपुत्र शनिदेव का जन्म हुआ था। शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है और वे व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। आज शनिदेव की पूजा करने, सरसों का तेल अर्पित करने और जरूरतमंदों को दान देने से शनि दोष शांत होने की मान्यता है।
इसके साथ ही आज विवाहित महिलाएं वट सावित्री व्रत भी रख रही हैं। यह व्रत पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य के लिए किया जाता है। महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस व्रत को करने से वैवाहिक जीवन में सुख और समृद्धि बनी रहती है।

आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 4:06 बजे से 4:48 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त – शाम 7:04 बजे से 7:24 बजे तक
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन शुभ मुहूर्तों में पूजा, जप, दान और शुभ कार्य करना अत्यंत लाभकारी माना जाता है। विशेष रूप से ब्रह्म मुहूर्त में ध्यान और पूजा करने से मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

आज का अशुभ समय
राहुकाल – सुबह 8:53 बजे से 10:35 बजे तक
यमगण्ड – दोपहर 1:59 बजे से 3:41 बजे तक
गुलिक काल – सुबह 5:30 बजे से 7:12 बजे तक
दुर्मुहूर्त – सुबह 5:30 बजे से 6:24 बजे तक और 6:24 बजे से 7:18 बजे तक
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल और यमगण्ड के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए। इस समय में यात्रा, निवेश या महत्वपूर्ण निर्णय लेना शुभ नहीं माना जाता।

सूर्य और चंद्रमा का समय
सूर्योदय – सुबह 5:30 बजे
सूर्यास्त – शाम 7:05 बजे
चंद्रोदय – आज चंद्रोदय नहीं होगा
चन्द्रास्त – शाम 6:43 बजे

आज किन कार्यों को करना रहेगा शुभ
आज के दिन शनिदेव की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, पीपल वृक्ष की पूजा और गरीबों को दान देना बेहद शुभ माना जा रहा है। ज्येष्ठ अमावस्या पर पितरों के निमित्त तर्पण और दान करने से भी विशेष पुण्य प्राप्त होता है। वहीं वट सावित्री व्रत करने वाली महिलाओं के लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है।

आज का पंचांग क्या कहता है
16 मई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। एक ही दिन अमावस्या, शनि जयंती और वट सावित्री व्रत का संयोग बनने से पूजा-पाठ और दान-पुण्य का महत्व कई गुना बढ़ गया है। आज के शुभ मुहूर्त में किए गए धार्मिक कार्य सकारात्मक फल देने वाले माने गए हैं। वहीं राहुकाल और अशुभ समय में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इस लेख में दी गई पंचांग संबंधी जानकारी धार्मिक मान्यताओं और ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित है। अलग-अलग स्थानों और पंचांगों के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है। किसी भी धार्मिक कार्य या पूजा से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

