By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत देवघर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने जसीडीह और कुंडा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर करीब 20.760 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोटरसाइकिल, नकद राशि, मोबाइल फोन और रेलवे एंट्री परमिट समेत कई आपत्तिजनक सामान भी जब्त किए हैं।

देवघर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में जुटी हुई है।
एसपी के निर्देश पर गठित हुई विशेष टीम
जानकारी के अनुसार, देवघर पुलिस अधीक्षक को गुप्त सूचना मिली थी कि जसीडीह थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन के पीछे चटर्जी बागान और कुंडा थाना क्षेत्र के बैगनाडीह मैदान स्थित झाड़ियों में गांजा छिपाकर रखा गया है तथा वहां से इसकी सप्लाई की जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने एसडीपीओ सदर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।
टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों स्थानों पर एक साथ छापेमारी अभियान चलाया। छापेमारी के दौरान पुलिस को झाड़ियों और छिपे हुए स्थानों से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा को अलग-अलग पैकेटों में पैक कर छिपाकर रखा हुआ पाया।

20.760 किलोग्राम गांजा बरामद
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान कुल 20.760 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। बरामद गांजा की कीमत बाजार में लाखों रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने गांजा को जब्त कर लिया है और उसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
मामले में जसीडीह थाना कांड संख्या 172/2026 दर्ज किया गया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

छह आरोपी गिरफ्तार
इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में बिहार और झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों के लोग शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि गांजा की खेप कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से नशे के अवैध कारोबार से जुड़े हुए थे। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

मोटरसाइकिल, मोबाइल और नकद राशि जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन, एक यामाहा एफजेडएस मोटरसाइकिल, 28 हजार 500 रुपये नकद, रेलवे एंट्री परमिट और अन्य सामान भी बरामद किया है। पुलिस का मानना है कि बरामद मोबाइल फोन से नशा तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं।
जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर रही हैं। वहीं नकद राशि को गांजा बिक्री से जुड़ी रकम माना जा रहा है।

रेलवे स्टेशन के आसपास सक्रिय था नेटवर्क
पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि जसीडीह रेलवे स्टेशन के आसपास यह नेटवर्क सक्रिय था। स्टेशन क्षेत्र होने के कारण यहां बाहर से आने-जाने वाले लोगों की संख्या अधिक रहती है, जिसका फायदा उठाकर आरोपी गांजा की सप्लाई कर रहे थे।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध अंतरराज्यीय तस्करों से भी है। बिहार और झारखंड के कई जिलों में इस गिरोह के तार जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।

नशे के खिलाफ लगातार अभियान
देवघर पुलिस द्वारा हाल के दिनों में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि जिले में युवाओं को नशे से बचाने और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान जारी रहेगा।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और किसी भी हालत में अवैध कारोबार को बढ़ावा नहीं मिलने दिया जाए।
स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। लोगों का कहना है कि नशे का कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है और ऐसे कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस अब पूरे नेटवर्क को खंगालने में लगी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गांजा की यह खेप किस राज्य से लाई गई थी और जिले में किन-किन स्थानों पर इसकी सप्लाई की जाती थी।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस का कहना है कि नशा कारोबार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

