By: Mala Mandal
देवघर: देवघर समाहरणालय सभागार में सोमवार को कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी एवं विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी शशि प्रकाश सिंह ने की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए और योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि धरातल पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए।

बैठक में जिला, प्रखंड और पंचायत स्तर पर संचालित योजनाओं की अद्यतन स्थिति, बजट आवंटन एवं खर्च की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर योजनाओं को तेज गति से क्रियान्वित किया जाए, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
छात्रावास, छात्रवृत्ति और मांझी भवन निर्माण की समीक्षा
बैठक के दौरान उपायुक्त ने कल्याण छात्रावास, जाहेरस्थान घेराबंदी और मांझी भवन निर्माण योजनाओं की समीक्षा की। इसके साथ ही प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत आवंटन और खर्च की स्थिति पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि छात्रवृत्ति योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाए कि पात्र छात्र-छात्राओं को समय पर लाभ मिले। इसके अलावा लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने का भी निर्देश दिया गया।

साइकिल वितरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का निर्देश
उपायुक्त ने प्रखंडवार साइकिल वितरण योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का सीधा लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचे, इसके लिए पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वितरण प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिकायत सामने नहीं आनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर क्षेत्रीय स्तर पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएं।

मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के प्रचार-प्रसार पर जोर
बैठक में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना और मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के क्रियान्वयन की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कहा कि सभी योग्य लाभुकों को योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सहायता योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को स्वास्थ्य विभाग के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जरूरतमंद लोगों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

अधिकारियों को नियमित फील्ड विजिट का निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड विजिट करने और ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकें आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिकारी गांवों में जाकर लोगों की वास्तविक समस्याओं को समझें और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं मूलभूत सुविधाओं से संबंधित आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें।
उपायुक्त ने कहा कि केवल कार्यालयों में बैठकर योजनाओं की समीक्षा करने से उद्देश्य पूरा नहीं होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर सक्रियता दिखानी होगी। उन्होंने पंचायत स्तर पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने का भी निर्देश दिया।

गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था दुरुस्त रखने का आदेश
बढ़ती गर्मी को देखते हुए उपायुक्त ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी गांव में पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए और संबंधित विभाग नियमित निगरानी सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने और इस पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश भी दिया गया।

PVTG समुदाय की समस्याओं के त्वरित समाधान का निर्देश
बैठक में विशेष रूप से PVTG समुदाय की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अत्यंत पिछड़ी जनजातियों से संबंधित समस्याओं पर गंभीरता से निगरानी रखी जाए और उनके त्वरित समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचे।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, जिला कल्याण पदाधिकारी दयानंद दुबे, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार, सभी प्रखंडों के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित कल्याण विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद थे।

