By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर (भा.पु.से.) के निर्देश पर साइबर डीएसपी राजा कुमार मित्र के नेतृत्व में की गई। गिरफ्तार आरोपी फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करते थे। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।

साइबर थाना द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार दिनांक 20 मई 2026 को गुप्त सूचना मिली थी कि देवघर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कुछ साइबर अपराधी फर्जी तरीके से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी Flipkart, Amazon, Google Pay, PhonePe, PayTM, Airtel Payment Bank और IRCTC जैसी कंपनियों के फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि बनकर लोगों को कॉल करते थे। आरोपी उपभोक्ताओं को कैशबैक, रिवॉर्ड प्वाइंट, अकाउंट अपडेट और केवाईसी के नाम पर झांसा देकर बैंकिंग जानकारी हासिल करते थे। इसके बाद उनके खातों से पैसे निकाल लिए जाते थे।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहन दास (उम्र 32 वर्ष) पिता- रंजन दास, निवासी सतार बरमसिया, थाना-देवघर तथा सूरज कुमार यादव (उम्र 24 वर्ष) पिता- दलबदर यादव, निवासी बिचरा, जिला-देवघर के रूप में हुई है। दोनों आरोपी लंबे समय से साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी PM किसान योजना के नाम पर भी लोगों को कॉल करते थे। किसानों को सरकारी लाभ दिलाने और राशि बढ़ाने का झांसा देकर उनसे बैंक डिटेल, ओटीपी और अन्य गोपनीय जानकारी मांगी जाती थी। इसके अलावा आरोपी Airtel Thanks App के माध्यम से भी लोगों को ठगने का काम करते थे।

साइबर थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड तथा एक जब्ती सूची बरामद की गई है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि साइबर अपराध के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके। शुरुआती जांच में दोनों की संलिप्तता कई साइबर ठगी मामलों में पाई गई है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। आम लोगों को अनजान नंबर से आने वाले कॉल, लिंक और मैसेज से सावधान रहने की जरूरत है। किसी भी परिस्थिति में बैंकिंग जानकारी, ओटीपी, यूपीआई पिन या पासवर्ड साझा नहीं करना चाहिए।

छापेमारी दल में साइबर थाना के पुलिस पदाधिकारी और अन्य थाना क्षेत्रों की पुलिस टीम भी शामिल रही। इस संयुक्त कार्रवाई में साइबर थाना, सारवां थाना, देवघर थाना और बिचरा थाना पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देवघर पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी प्रकार की साइबर ठगी या संदिग्ध कॉल की जानकारी मिले तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा देवघर पुलिस के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी शिकायत और जानकारी साझा की जा सकती है।

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए देवघर पुलिस लगातार जागरूकता अभियान भी चला रही है। पुलिस का कहना है कि लोगों की सतर्कता ही साइबर अपराध के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। समय रहते जानकारी देने पर कई मामलों में ठगी की रकम वापस भी कराई जा सकती है।
इस कार्रवाई के बाद जिले में साइबर अपराधियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अन्य साथियों और नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी हुई है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

