By: Mala Mandal
देवघर। झारखंड के खेल जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। देवघर के वरिष्ठ कुश्ती प्रशिक्षक एवं जिला कुश्ती संघ से जुड़े संजीव कुमार झा को आगामी अंडर-23 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता के लिए झारखंड कुश्ती टीम का कोच नियुक्त किया गया है। यह प्रतियोगिता 10 जुलाई से 12 जुलाई तक हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित होगी। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न राज्यों के प्रतिभाशाली पहलवान हिस्सा लेंगे और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

संजीव कुमार झा की नियुक्ति से देवघर ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड के खेल प्रेमियों में उत्साह का माहौल है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि उनके लंबे अनुभव, तकनीकी ज्ञान और खिलाड़ियों को तैयार करने की क्षमता का लाभ झारखंड की टीम को राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में अवश्य मिलेगा। उनकी नियुक्ति राज्य में कुश्ती खेल के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों के बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष निलेश सिंह ने इस अवसर पर कहा कि संजीव कुमार झा का चयन देवघर जिले के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने वर्षों से कुश्ती के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य किया है और अनेक खिलाड़ियों को राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके प्रशिक्षण में तैयार हुए कई खिलाड़ियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय प्रतियोगिता जैसे बड़े मंच पर एक अनुभवी कोच की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारी, मानसिक मजबूती और रणनीति तय करने में कोच का योगदान निर्णायक होता है। ऐसे में संजीव कुमार झा की नियुक्ति से झारखंड टीम को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

जिला कुश्ती संघ की सचिव पायल कुमारी ने बताया कि संजीव कुमार झा इससे पहले भी कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में झारखंड टीम के कोच की जिम्मेदारी निभा चुके हैं। उनके अनुभव और नेतृत्व में खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि संजीव कुमार झा का खिलाड़ियों के साथ व्यवहार प्रेरणादायक रहा है और वे तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी झारखंड के पहलवान बेहतर प्रदर्शन करेंगे और राज्य के लिए पदक जीतकर लौटेंगे। राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का भी अवसर मिल सकता है।
हरियाणा के रोहतक में आयोजित होने वाली अंडर-23 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता को देश की सबसे महत्वपूर्ण आयु वर्ग प्रतियोगिताओं में शामिल किया जाता है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय शिविर, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और विभिन्न खेल संस्थानों के लिए चयनित होने का अवसर प्राप्त करते हैं। ऐसे में झारखंड के खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

संजीव कुमार झा लंबे समय से देवघर में कुश्ती खेल के विकास के लिए सक्रिय हैं। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अनेक खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया है। उनके मार्गदर्शन में तैयार हुए कई पहलवान विभिन्न राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं। खेल के प्रति उनका समर्पण और अनुशासन उन्हें राज्य के प्रमुख कुश्ती प्रशिक्षकों में शामिल करता है।
उनकी नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद खेल एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें बधाई दी है। खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में झारखंड की टीम इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करेगी। सोशल मीडिया पर भी उन्हें शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।

जिला कुश्ती संघ ने कहा कि झारखंड में कुश्ती खेल लगातार आगे बढ़ रहा है और खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य के विभिन्न जिलों से प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आ रहे हैं, जिन्हें उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता मिल सकती है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि संजीव कुमार झा जैसे अनुभवी प्रशिक्षकों की मौजूदगी से राज्य के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उनके अनुभव का लाभ नई पीढ़ी के पहलवानों को मिल रहा है, जिससे झारखंड में कुश्ती का भविष्य और मजबूत हो रहा है।

अब सभी की निगाहें 10 से 12 जुलाई तक रोहतक में होने वाली अंडर-23 राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता पर टिकी हैं। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि झारखंड के पहलवान दमदार प्रदर्शन करते हुए पदक जीतेंगे और राज्य का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करेंगे। वहीं, संजीव कुमार झा के नेतृत्व में टीम बेहतर रणनीति और आत्मविश्वास के साथ प्रतियोगिता में उतरेगी। उनकी नियुक्ति न केवल देवघर, बल्कि पूरे झारखंड के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखी जा रही है और इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों को भी नई प्रेरणा मिलेगी।

