By: Mala Mandal
Healthy Habits After 30: 30 साल की उम्र के बाद शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव शुरू हो जाते हैं। मेटाबॉलिज्म पहले की तुलना में धीमा होने लगता है, मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं और शरीर की रिकवरी क्षमता भी कम हो जाती है। ऐसे समय में यदि जीवनशैली सही न हो तो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग, मोटापा और फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कई लोग 30 वर्ष की उम्र के बाद भी 20 साल वाली जीवनशैली अपनाए रखते हैं। यही लापरवाही भविष्य में बड़ी बीमारियों की वजह बन सकती है। डॉक्टरों के अनुसार तीन ऐसी सामान्य आदतें हैं जो 30 की उम्र के बाद बीमारियों का खतरा लगभग दोगुना कर सकती हैं।
पहली आदत: घंटों बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अधिकतर लोग ऑफिस, घर या मोबाइल के सामने घंटों बैठे रहते हैं। नियमित शारीरिक गतिविधि न होने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जमा होने लगती है, जिससे वजन बढ़ता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस विकसित हो सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, योग या हल्की एक्सरसाइज करना जरूरी है। नियमित व्यायाम न केवल वजन नियंत्रित रखता है बल्कि दिल को भी स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

दूसरी आदत: जंक फूड और अधिक चीनी का सेवन
30 की उम्र के बाद शरीर पहले जितनी तेजी से कैलोरी नहीं जला पाता। ऐसे में यदि फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें, कोल्ड ड्रिंक, मिठाइयां और प्रोसेस्ड फूड का अधिक सेवन किया जाए तो मोटापा, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल और फैटी लिवर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दालें, दूध, दही, सूखे मेवे और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें। साथ ही मीठे पेय और अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखें।

तीसरी आदत: पर्याप्त नींद न लेना और लगातार तनाव में रहना
कम नींद और लगातार मानसिक तनाव शरीर के हार्मोनल संतुलन को प्रभावित करते हैं। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, वजन बढ़ने लगता है और शरीर में सूजन संबंधी समस्याएं भी विकसित हो सकती हैं। डॉक्टरों के अनुसार हर वयस्क को प्रतिदिन 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेनी चाहिए। इसके अलावा ध्यान, योग, मेडिटेशन और परिवार के साथ समय बिताने जैसी गतिविधियां तनाव कम करने में मदद करती हैं।

30 के बाद किन स्वास्थ्य जांचों पर देना चाहिए ध्यान
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि 30 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, लिपिड प्रोफाइल, लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट, थायरॉयड जांच तथा बॉडी मास इंडेक्स (BMI) की जांच करानी चाहिए। समय पर जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है।

स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये आसान आदतें
रोज कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
संतुलित और पौष्टिक भोजन लें।
पर्याप्त पानी पिएं।
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं।
हर रात 7 से 8 घंटे की नींद लें।
तनाव को नियंत्रित रखने के लिए योग और मेडिटेशन करें।
समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराते रहें।

30 साल की उम्र जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। इस समय अपनाई गई अच्छी या बुरी आदतें आने वाले वर्षों के स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं। यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार कर लिया जाए तो डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग और मोटापे जैसी कई गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्वस्थ जीवनशैली ही लंबे और स्वस्थ जीवन की सबसे बड़ी कुंजी है।

यह लेख स्वास्थ्य संबंधी सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों की सलाह और उपलब्ध रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी बीमारी के लक्षण, दवा या उपचार के लिए स्वयं निर्णय न लें। स्वास्थ्य संबंधी किसी भी समस्या में योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें।


