By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला-2026 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक नई और अनूठी पहल की है। मंगलवार को शिवलोक परिसर में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया एवं पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से वर्चुअल रियलिटी (VR) शिविर का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बाबा बैद्यनाथ धाम के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक परंपराओं और देवघर की सांस्कृतिक विरासत से आधुनिक तकनीक के माध्यम से जोड़ना है।

शुभारंभ कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी राहुल कुमार भारती, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर मीडिया से बातचीत करते हुए उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि राजकीय श्रावणी मेला-2026 कई मायनों में ऐतिहासिक और तकनीकी रूप से अत्याधुनिक है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि बाबा नगरी आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु न केवल सुरक्षित और सुगम जलार्पण कर सके, बल्कि अपने साथ एक यादगार और दिव्य अनुभव भी लेकर जाए। इसी सोच के साथ पहली बार मेले में वर्चुअल रियलिटी (VR) तकनीक को शामिल किया गया है।

उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र के 10 प्रमुख स्थानों पर VR शिविर स्थापित किए गए हैं, जहां श्रद्धालु विशेष VR हेडसेट के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ मंदिर के इतिहास, शिवलिंग की स्थापना से जुड़ी पौराणिक कथा, देवघर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत और झारखंड सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सजीव रूप में प्राप्त कर सकेंगे। यह तकनीक श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव कराएगी मानो वे घटनाओं और ऐतिहासिक प्रसंगों को स्वयं अपनी आंखों के सामने घटित होते हुए देख रहे हों।

उपायुक्त ने कहा कि डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से श्रद्धालुओं को धार्मिक जानकारी के साथ-साथ देवघर की ऐतिहासिक महत्ता को भी बेहतर तरीके से समझने का अवसर मिलेगा। यह पहल विशेष रूप से युवा पीढ़ी और उन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगी, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जानने और समझने में रुचि रखते हैं।

जिला प्रशासन के अनुसार VR शिविरों के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ धाम की पौराणिक मान्यताओं, मंदिर के निर्माण और विकास की यात्रा, श्रावणी मेले की ऐतिहासिक परंपरा तथा देवघर के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों की जानकारी भी प्रदर्शित की जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं को भी सरल और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु इन योजनाओं के बारे में जागरूक हो सकें।

श्रावणी मेला-2026 में पहले से ही AI आधारित भीड़ प्रबंधन, व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, हेलीकॉप्टर सेवा, डिजिटल निगरानी, बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और स्वच्छता जैसी कई आधुनिक व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। अब VR तकनीक को शामिल कर प्रशासन ने मेले को तकनीक और आध्यात्मिकता के संगम का स्वरूप देने का प्रयास किया है।

श्रद्धालुओं ने भी इस नई पहल की सराहना की। उनका कहना है कि VR तकनीक के माध्यम से बाबा मंदिर के इतिहास और देवघर की धार्मिक विरासत को देखने का अनुभव अत्यंत रोमांचक और ज्ञानवर्धक है। इससे विशेष रूप से पहली बार बाबा धाम आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर और उसकी परंपराओं को समझने में काफी सहायता मिलेगी।

इन 10 स्थानों पर लगाए गए हैं VR शिविर
– शिवलोक – 2 शिविर
– शिवगंगा – 2 शिविर
– जलसार – 1 शिविर
– खिजुरिया – 1 शिविर
– देवघर रेलवे स्टेशन – 1 शिविर
– जसीडीह रेलवे स्टेशन – 1 शिविर
– बाघमारा बस स्टैंड – 1 शिविर
– कोठिया बस स्टैंड – 1 शिविर

जिला प्रशासन का मानना है कि यह पहल न केवल श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध करेगी, बल्कि भविष्य में धार्मिक पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। राजकीय श्रावणी मेला-2026 में पहली बार शुरू की गई यह व्यवस्था आने वाले वर्षों में अन्य धार्मिक आयोजनों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन सकती है।

