By; Vikash Kumar

2,586 पुलिसकर्मियों की फायरिंग दक्षता होगी जांच, आधुनिक प्रशिक्षण से कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी
धनबाद। झारखंड में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत तथा पुलिस बल को आपात परिस्थितियों के लिए तैयार रखने की दिशा में धनबाद पुलिस ने एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। शनिवार सुबह झारखंड सशस्त्र पुलिस-3 (जैप-3) के भूंईफोड़ फायरिंग रेंज में जिले के उपायुक्त आदित्य रंजन और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने स्वयं फायरिंग कर वार्षिक निशानेबाजी अभियान ‘मिशन मार्क्समैन’ का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान दोनों अधिकारियों ने अलग-अलग फायरिंग पोजीशन अपनाते हुए निशानेबाजी का अभ्यास किया। लेटकर, बैठकर, घुटनों के बल और खड़े होकर किए गए अभ्यास के माध्यम से उन्होंने न केवल अपनी फायरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया बल्कि मौजूद पुलिस अधिकारियों और जवानों का मनोबल भी बढ़ाया। अधिकारियों के इस सहभागिता आधारित नेतृत्व को जवानों ने सकारात्मक संदेश के रूप में लिया।
यह विशेष प्रशिक्षण अभियान 18 जून से 30 जून तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान जिले के कुल 2,586 पुलिस पदाधिकारी एवं जवानों की फायरिंग दक्षता, हथियार संचालन क्षमता, प्रतिक्रिया कौशल और लक्ष्य भेदन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य केवल औपचारिक प्रशिक्षण नहीं बल्कि पुलिस बल को आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप अधिक दक्ष और तैयार बनाना है।

पुलिसिंग में प्रशिक्षण की बढ़ती अहमियत
बदलते समय में पुलिस बल के सामने केवल अपराध नियंत्रण ही नहीं बल्कि भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन प्रतिक्रिया, संवेदनशील घटनाओं में त्वरित कार्रवाई और विशेष परिस्थितियों में संयमित निर्णय लेने जैसी चुनौतियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में हथियार संचालन और निशानेबाजी का नियमित अभ्यास पुलिस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
‘मिशन मार्क्समैन’ इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला अभियान है, जहां प्रत्येक पुलिसकर्मी की वास्तविक क्षमता का मूल्यांकन कर आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण केवल लक्ष्य पर गोली चलाने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें अनुशासन, निर्णय क्षमता और परिस्थिति के अनुरूप प्रतिक्रिया देने की दक्षता को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

फायरिंग रेंज के सुदृढ़ीकरण पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आदित्य रंजन ने फायरिंग रेंज की मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से ट्रेंच कटिंग, जल निकासी व्यवस्था और प्रशिक्षण क्षेत्र के रखरखाव को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
उपायुक्त ने कहा कि यदि प्रशिक्षण ढांचा मजबूत होगा तो पुलिस बल की कार्यक्षमता पर उसका सीधा सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। बेहतर संसाधन और सुरक्षित अभ्यास स्थल जवानों को अधिक प्रभावी प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में मदद करेंगे।

फायरिंग रेंज को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम बनाने और भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में भी चर्चा की गई।
नियमित अभ्यास से बढ़ेगी पुलिस की तैयारियां
इस मौके पर वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने कहा कि किसी भी पुलिस बल की वास्तविक ताकत केवल उसके संसाधनों में नहीं बल्कि उसके प्रशिक्षण और तैयारी में होती है। नियमित फायरिंग अभ्यास और व्यावहारिक प्रशिक्षण से जवान हर प्रकार की चुनौती से बेहतर तरीके से निपटने के लिए तैयार रहते हैं।

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान कई बार ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं जहां त्वरित निर्णय और नियंत्रित कार्रवाई की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में प्रशिक्षित पुलिस बल अधिक प्रभावी भूमिका निभाता है।
एसएसपी ने यह भी स्पष्ट किया कि अभियान के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाएगा ताकि प्रशिक्षण पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
प्रदर्शन के आधार पर मिलेगा अतिरिक्त प्रशिक्षण
अभियान के तहत प्रत्येक पुलिस पदाधिकारी और जवान के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। जिन कर्मियों को अतिरिक्त अभ्यास की आवश्यकता महसूस होगी, उनके लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस प्रक्रिया का उद्देश्य किसी को केवल अंक देना नहीं बल्कि संपूर्ण पुलिस बल की सामूहिक क्षमता को बेहतर बनाना है। इससे भविष्य में संवेदनशील अभियानों, विशेष सुरक्षा व्यवस्था और आपात स्थितियों में बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

धनबाद पुलिस का यह कदम राज्य में पेशेवर और प्रशिक्षण आधारित पुलिसिंग मॉडल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने इस अभियान को और अधिक प्रेरणादायक बना दिया है।
‘मिशन मार्क्समैन’ के जरिए धनबाद पुलिस अब केवल तैयार रहने की नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में प्रभावी और दक्ष प्रतिक्रिया देने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है।

