By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 3 July 2026: आज शुक्रवार, 3 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व होता है। पंचांग के अनुसार आज संकष्टी चतुर्थी, गजलक्ष्मी योग और त्रिग्रह योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो कई शुभ कार्यों के लिए लाभकारी माना जाता है। आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी।

आज का पंचांग – 3 जुलाई 2026
– दिन: शुक्रवार
– तिथि: आषाढ़ कृष्ण तृतीया प्रातः तक, इसके बाद चतुर्थी तिथि प्रारंभ
– पक्ष: कृष्ण पक्ष
– माह: आषाढ़
– विक्रम संवत: 2083
– शक संवत: 1948
– अयन: उत्तरायण
– ऋतु: वर्षा ऋतु
– नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र
– योग: गजलक्ष्मी योग, त्रिग्रह योग
– करण: वणिज एवं विष्टि
– वार: शुक्रवार

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
– सूर्योदय: प्रातः 5:28 बजे
– सूर्यास्त: सायं 6:42 बजे

आज का शुभ मुहूर्त
– अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 11:58 बजे से 12:53 बजे तक
– ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:05 बजे से 4:45 बजे तक
– विजय मुहूर्त: दोपहर 2:45 बजे से 3:40 बजे तक
– अमृत काल: शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय

राहुकाल और अशुभ समय
– राहुकाल: सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
– यमगण्ड काल: दोपहर 3:00 बजे से 4:30 बजे तक
– गुलिक काल: सुबह 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल के दौरान किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

आज का विशेष महत्व
आज संकष्टी चतुर्थी होने के कारण भगवान गणेश की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि विधि-विधान से गणेश जी की पूजा करने और व्रत रखने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसके अलावा आज बन रहा गजलक्ष्मी योग आर्थिक उन्नति, धन लाभ और शुभ अवसरों के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

आज का शुभ उपाय
आज भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और लाल फूल अर्पित करें। “ॐ गं गणपतये नमः” मंत्र का 108 बार जाप करने से शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं और जीवन की बाधाएं दूर हो सकती हैं।

यह पंचांग ज्योतिषीय गणनाओं, धार्मिक मान्यताओं और उपलब्ध पंचांग स्रोतों पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों और पंचांग पद्धतियों के अनुसार समय और विवरण में थोड़ा अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या विद्वान ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य करें।


