By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 4 July 2026: शनिवार, 4 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है, जो दोपहर तक रहेगी और इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ होगी। आज धनिष्ठा नक्षत्र और प्रीति योग का विशेष संयोग बन रहा है। साथ ही आज से पंचक का आरंभ भी हो रहा है, इसलिए शुभ कार्यों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। यदि आप आज कोई महत्वपूर्ण कार्य, निवेश, यात्रा, पूजा-पाठ या शुभ कार्य करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले आज का पंचांग अवश्य जान लें।

आज का पंचांग – 4 जुलाई 2026, शनिवार
वार: शनिवार
माह: आषाढ़ मास
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: कृष्ण चतुर्थी दोपहर 12:39 बजे तक, इसके बाद पंचमी तिथि प्रारंभ
नक्षत्र: धनिष्ठा दोपहर 1:43 बजे तक, इसके बाद शतभिषा नक्षत्र
योग: प्रीति योग शाम 5:01 बजे तक, इसके बाद आयुष्मान योग
करण: बालव करण दोपहर 12:39 बजे तक, इसके बाद कौलव करण
चंद्र राशि: कुंभ राशि
सूर्य राशि: मिथुन राशि

सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय: प्रातः 5:28 बजे
सूर्यास्त: सायं 7:23 बजे
आज का शुभ मुहूर्त
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:52 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 4:39 बजे से 5:22 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:56 बजे से 3:50 बजे तक

आज का राहुकाल
शनिवार होने के कारण आज का राहुकाल सुबह 8:57 बजे से 10:41 बजे तक रहेगा। इस दौरान नए कार्य, निवेश और शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का पंचक
आज से पंचक प्रारंभ हो रहा है, जो पूरे दिन प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पंचक के दौरान गृह निर्माण, छत डालना, दक्षिण दिशा की यात्रा और कुछ विशेष शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।

आज का धार्मिक महत्व
चतुर्थी तिथि भगवान गणेश को समर्पित मानी जाती है। आज भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने से जीवन के विघ्न और बाधाओं से मुक्ति मिलने की मान्यता है। श्रद्धालु गणेश मंत्रों का जाप कर सकते हैं और दूर्वा, मोदक तथा लड्डू का भोग अर्पित कर सकते हैं।

आज का शुभ उपाय
आज पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और भगवान शनिदेव के मंत्र “ॐ शं शनैश्चराय नमः” का 108 बार जाप करें। ऐसा करने से शनि दोष और जीवन की बाधाओं में कमी आने की मान्यता है।

यह पंचांग धार्मिक मान्यताओं, ज्योतिषीय गणनाओं और पंचांग आधारित जानकारी पर आधारित है। स्थान और स्थानीय समय के अनुसार तिथि एवं मुहूर्त में कुछ अंतर संभव है। किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

