By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। परीक्षा रद्द करने के फैसले के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों ने एक बार फिर आंदोलन तेज कर दिया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी राजधानी रांची पहुंचे और प्रोजेक्ट भवन के बाहर प्रदर्शन करते हुए सरकार से नियुक्ति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग की। प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने कड़ी मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद JSSC-CGL परीक्षा में सफलता हासिल की है। ऐसे में परीक्षा रद्द होने से हजारों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है। अभ्यर्थियों ने सरकार से अपील की है कि पूरे मामले पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए जल्द समाधान निकाला जाए।

चयनित अभ्यर्थियों ने उठाई नियुक्ति की मांग
JSSC-CGL परीक्षा झारखंड के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक बड़ा अवसर थी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को उम्मीद थी कि जल्द ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होगी, लेकिन परीक्षा रद्द होने के फैसले के बाद उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर परीक्षा में किसी स्तर पर गड़बड़ी हुई है तो उसकी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन ईमानदारी से परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों को इसका नुकसान नहीं उठाना चाहिए। अभ्यर्थियों ने कहा कि कई युवा लंबे समय से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं। उम्र सीमा और आर्थिक परेशानियों के बीच उन्होंने इस परीक्षा को अपने करियर का महत्वपूर्ण अवसर माना था।

प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे बड़ी संख्या में युवा
अपनी मांगों को लेकर चयनित अभ्यर्थी प्रोजेक्ट भवन पहुंचे, जहां उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया। प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई ताकि किसी भी स्थिति को नियंत्रित किया जा सके। अभ्यर्थियों ने सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

परीक्षा रद्द होने से बढ़ा आक्रोश
JSSC-CGL परीक्षा लंबे समय से चर्चा में रही है। परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बाद इसे रद्द करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, इस फैसले से सफल अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा में शामिल सभी उम्मीदवारों को एक ही नजर से नहीं देखा जा सकता। जो अभ्यर्थी पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ सफल हुए हैं, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।
उन्होंने मांग की कि सरकार ऐसा रास्ता निकाले जिससे परीक्षा की निष्पक्षता भी बनी रहे और सफल उम्मीदवारों का भविष्य भी सुरक्षित हो।

युवाओं ने सरकार को दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने कहा कि अगर जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
युवाओं का कहना है कि सरकारी नौकरी की तैयारी में कई साल लग जाते हैं। परीक्षा रद्द होने या नियुक्ति में देरी होने से उम्मीदवारों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सरकार के फैसले पर टिकी युवाओं की नजर
JSSC-CGL विवाद अब झारखंड में रोजगार और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हजारों अभ्यर्थी सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
युवाओं की मांग है कि भविष्य में होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी उम्मीदवार के साथ अन्याय न हो। साथ ही, जिन अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास की है, उनके हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान निकाला जाए।

JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के विरोध में चयनित अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रोजेक्ट भवन के बाहर जुटे युवाओं ने सरकार से न्याय और नियुक्ति की मांग की है। अब सभी की निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं कि इस विवाद का समाधान किस तरह निकाला जाता है।

