By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Health News Today: भारत में मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। हाल ही में जारी विभिन्न स्वास्थ्य रिपोर्टों और अध्ययनों में सामने आया है कि खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों में कमी और प्रोसेस्ड फूड के बढ़ते सेवन के कारण देश में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में मधुमेह, हृदय रोग और हाई ब्लड प्रेशर के मामलों में और तेजी से वृद्धि हो सकती है।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के हालिया आंकड़ों के अनुसार, भारत में एक तरफ बच्चों में कुपोषण के मामलों में कुछ सुधार देखने को मिला है, वहीं दूसरी तरफ मोटापा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों में चिंताजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में यह समस्या ग्रामीण इलाकों की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक बैठकर काम करना, नियमित व्यायाम न करना, फास्ट फूड और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन, तनाव और अपर्याप्त नींद मोटापे के प्रमुख कारण बन रहे हैं। विश्व स्तर पर भी मोटापा एक बड़ी सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है और इसके कारण कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि स्वस्थ खानपान और नियमित शारीरिक गतिविधि को अपनाने से वजन नियंत्रण और समग्र स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है। विशेषज्ञों ने घर का ताजा भोजन खाने, रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करने और पर्याप्त नींद लेने की सलाह दी है।

मोटापे से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
– रोजाना कम से कम 30 से 45 मिनट तक शारीरिक गतिविधि करें।
– पैकेटबंद और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करें।
– भोजन में हरी सब्जियां, फल और प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल करें।
– पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
– रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें।
– तनाव को कम करने के लिए योग और ध्यान का अभ्यास करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर न केवल मोटापे से बचा जा सकता है, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी और उपलब्ध शोध रिपोर्टों पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, उपचार या आहार संबंधी निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।



