By: Mala Mandal
देवघर। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत देवघर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर (भापुसे) के निर्देश पर साइबर थाना और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने मोहनपुर एवं पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर 11 साइबर अपराधियों और एक किशोर को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों पर देश के विभिन्न राज्यों के लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने का आरोप है। शुरुआती जांच में इनके पास से बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों के आधार पर कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी के मामलों से इनके तार जुड़ने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक क्लेश्वर प्रसाद महतो के नेतृत्व में बुधवार, 8 जुलाई 2026 को की गई। गुप्त सूचना मिली थी कि मोहनपुर और पथरड्डा ओपी क्षेत्र में सक्रिय साइबर अपराधी विभिन्न कंपनियों और बैंकों के प्रतिनिधि बनकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन किया गया और अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई। इस दौरान 11 वयस्क आरोपियों के साथ एक किशोर को हिरासत में लिया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को Flipkart, Amazon Pay, Credit Card अधिकारी, Airtel Payment Bank अधिकारी तथा कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। बातचीत के दौरान वे कैशबैक, बैंक खाता अपडेट, कार्ड दोबारा चालू कराने, केवाईसी और अन्य सुविधाओं का झांसा देकर लोगों से ओटीपी, बैंकिंग जानकारी और अन्य गोपनीय सूचनाएं हासिल कर लेते थे। इसके बाद संबंधित लोगों के बैंक खातों से अवैध निकासी कर ठगी की वारदात को अंजाम देते थे।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधियों की कार्यप्रणाली काफी संगठित थी। आरोपी फर्जी लिंक और एपीके (APK) फाइल भेजकर मोबाइल फोन का एक्सेस हासिल करते थे। कई मामलों में प्रधानमंत्री किसान योजना, बिजली बिल भुगतान, आरटीओ चालान आदि के नाम पर लिंक भेजे जाते थे। लिंक डाउनलोड करते ही मोबाइल फोन का नियंत्रण अपराधियों के हाथ में पहुंच जाता था और उसके बाद बैंक खाते से रकम निकाल ली जाती थी।

जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी खुद को Google Pay, PhonePe और Paytm का कस्टमर केयर अधिकारी बताकर लोगों को कैशबैक का लालच देते थे। वहीं Airtel Payment Bank का प्रतिनिधि बनकर बैंक खाता बंद होने या कार्ड दोबारा सक्रिय कराने के नाम पर भी ठगी की जाती थी। कई मामलों में फर्जी क्रेडिट कार्ड लिंक भेजकर लोगों को अपने जाल में फंसाया जाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 14 मोबाइल फोन, 14 सिम कार्ड तथा 2 प्रतिबंधित सिम कार्ड बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्डों की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में इन मोबाइल नंबरों और आईएमईआई नंबरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज मिली हैं। इससे स्पष्ट है कि गिरफ्तार गिरोह अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क से भी जुड़ा हो सकता है।
गिरफ्तार आरोपियों में अजीत दास, सिकंदर दास, बुलू दास, रिकेश कुमार, गोवर्धन मंडल, चंद मंडल, इशाक अंसारी, नवाज अंसारी, मांगन महतो, सदीप महतो और पंकज महतो शामिल हैं। सभी आरोपी देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों के रहने वाले हैं। एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है, जिसके संबंध में किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।

देवघर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। पूछताछ के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इनके बैंक खाते, डिजिटल वॉलेट और अन्य वित्तीय लेन-देन किन माध्यमों से संचालित किए जा रहे थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर ओटीपी, बैंक खाता विवरण, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, यूपीआई पिन या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या एपीके फाइल पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। यदि कोई व्यक्ति खुद को बैंक, कस्टमर केयर या सरकारी अधिकारी बताकर फोन करता है और तत्काल कार्रवाई का दबाव बनाता है, तो सतर्क रहें तथा संबंधित संस्था के आधिकारिक नंबर पर संपर्क कर जानकारी की पुष्टि करें।

देवघर पुलिस ने नागरिकों से साइबर अपराध से जुड़े मामलों की सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस को देने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि समय रहते शिकायत दर्ज कराने पर ठगी गई राशि को वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है। साइबर अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह लगातार अभियान जारी रहेगा ताकि आम लोगों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके।

