By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
Aaj Ka Panchang 16 July 2026: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, गृह प्रवेश, विवाह, वाहन खरीद, व्यवसाय की शुरुआत या अन्य मांगलिक कार्यों से पहले पंचांग देखकर शुभ समय का चयन किया जाता है। आज गुरुवार, 16 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि प्रातः 08:52 बजे तक रहेगी, इसके बाद तृतीया तिथि का आरंभ होगा। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार आज का दिन कई शुभ संयोग लेकर आया है, जिससे पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक कार्यों का विशेष फल मिलने की मान्यता है।

यदि आप आज किसी नए कार्य की शुरुआत करने, पूजा करने या किसी शुभ कार्य की योजना बना रहे हैं, तो आइए जानते हैं आज का संपूर्ण पंचांग, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, नक्षत्र, योग, सूर्योदय और सूर्यास्त का समय।
आज का पंचांग – 16 जुलाई 2026
– दिन: गुरुवार
– तिथि: आषाढ़ शुक्ल द्वितीया प्रातः 08:52 बजे तक, इसके बाद तृतीया
– पक्ष: शुक्ल पक्ष
– मास: आषाढ़
– ऋतु: वर्षा ऋतु
– अयन: दक्षिणायन
– गोल: उत्तर गोल
– नक्षत्र: आश्लेषा सायं 07:52 बजे तक, इसके बाद मघा
– योग: सिद्धि योग रात्रि 01:22 बजे (17 जुलाई) तक, इसके बाद व्यतीपात योग
– चंद्र राशि: कर्क राशि सायं 07:52 बजे तक, इसके बाद सिंह राशि
– सूर्य राशि: कर्क राशि

आज के शुभ मुहूर्त
आज सिद्धि योग के प्रभाव से पूजा-पाठ, धार्मिक अनुष्ठान, मंत्र जाप, दान-पुण्य और नए कार्यों की शुरुआत के लिए दिन शुभ माना जा रहा है। यदि आप किसी महत्वपूर्ण कार्य की योजना बना रहे हैं, तो स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का चयन करना अधिक लाभकारी रहेगा।

राहुकाल का समय
गुरुवार के दिन राहुकाल में किसी भी नए या शुभ कार्य की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दौरान केवल नियमित और आवश्यक कार्य ही करना उचित माना जाता है।

आज का नक्षत्र और उसका महत्व
आज आश्लेषा नक्षत्र सायंकाल 07:52 बजे तक रहेगा। इसके बाद मघा नक्षत्र का आरंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आश्लेषा नक्षत्र आत्मचिंतन, आध्यात्मिक साधना और मन की एकाग्रता के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि मघा नक्षत्र पूर्वजों के सम्मान, नेतृत्व क्षमता और नए संकल्पों से जुड़ा माना जाता है।

सिद्धि योग का विशेष महत्व
आज रात्रि 01:22 बजे तक सिद्धि योग रहेगा। यह योग धार्मिक कार्यों, पूजा-पाठ, व्रत, दान, मंत्र जाप और शुभ कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ कार्यों का सकारात्मक फल प्राप्त होता है।

आज क्या करें?
आज भगवान विष्णु और भगवान बृहस्पति की पूजा करना शुभ माना जाता है। पीले वस्त्र धारण करना, जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना तथा केले के वृक्ष की पूजा करने से शुभ फल मिलने की मान्यता है। इसके अलावा धार्मिक ग्रंथों का पाठ, मंत्र जाप और गरीबों की सहायता करना भी पुण्यदायी माना जाता है।

16 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आषाढ़ शुक्ल तृतीया, सिद्धि योग और नक्षत्रों के विशेष संयोग के कारण आज पूजा-पाठ, दान-पुण्य और शुभ कार्यों के लिए अनुकूल समय माना जाता है। हालांकि किसी भी महत्वपूर्ण कार्य के लिए अपने स्थान के अनुसार पंचांग और मुहूर्त की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

यह लेख पंचांग, ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। विभिन्न क्षेत्रों के पंचांग में समय और गणना में थोड़ा अंतर संभव है। किसी भी शुभ कार्य से पहले स्थानीय पंचांग या योग्य ज्योतिषाचार्य से समय की पुष्टि अवश्य करें।


