By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
भारत में डेंगू की रोकथाम की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। देश में पहली बार डेंगू से बचाव के लिए QDENGA वैक्सीन को मंजूरी मिल गई है। हर साल मानसून के दौरान डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस वैक्सीन को एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह वैक्सीन डेंगू संक्रमण के खतरे को कम करने और गंभीर मामलों से बचाव में मददगार साबित हो सकती है।

QDENGA वैक्सीन को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी पहले ही अपनी सिफारिश दे चुका है। कई देशों में इसका उपयोग किया जा रहा है और अब भारत में भी इसके इस्तेमाल का रास्ता साफ हो गया है। इससे आने वाले समय में डेंगू नियंत्रण अभियान को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
क्या है QDENGA वैक्सीन?
QDENGA एक डेंगू वैक्सीन है जिसे डेंगू वायरस के चारों प्रमुख सीरोटाइप से सुरक्षा देने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। डेंगू के अलग-अलग प्रकार होने के कारण एक प्रभावी वैक्सीन की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। विशेषज्ञों के अनुसार यह वैक्सीन गंभीर डेंगू और अस्पताल में भर्ती होने के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकती है।

किन लोगों को लगाई जा सकेगी यह वैक्सीन?
मंजूरी के अनुसार 4 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के लोग QDENGA वैक्सीन लगवा सकेंगे। हालांकि, वैक्सीन लगवाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक होगा। गर्भवती महिलाओं, गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले व्यक्तियों के लिए डॉक्टर की राय महत्वपूर्ण है।

कितनी डोज लगानी होगी?
विशेषज्ञों के अनुसार QDENGA वैक्सीन दो डोज में दी जाती है। पहली डोज के बाद निर्धारित अंतराल पर दूसरी डोज दी जाती है ताकि बेहतर प्रतिरक्षा विकसित हो सके। वैक्सीन की उपलब्धता और टीकाकरण की प्रक्रिया को लेकर संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी।

WHO ने क्यों की है सिफारिश?
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले पात्र लोगों के लिए इस वैक्सीन को उपयोगी माना है। WHO का मानना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए मच्छर नियंत्रण के साथ-साथ टीकाकरण भी एक प्रभावी रणनीति हो सकती है। हालांकि, वैक्सीन लगवाने के बाद भी मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाना जरूरी रहेगा।

भारत में क्यों है इसकी जरूरत?
भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जहां हर साल बड़ी संख्या में डेंगू के मामले सामने आते हैं। मानसून और उसके बाद मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रमण तेजी से फैलता है। कई मरीजों को गंभीर डेंगू के कारण अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। ऐसे में QDENGA वैक्सीन को सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

डेंगू से बचाव के लिए क्या करें?
घर और आसपास पानी जमा न होने दें। पूरी बाजू के कपड़े पहनें। मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाले रिपेलेंट का उपयोग करें। तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, शरीर में दर्द या प्लेटलेट्स कम होने जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर इलाज डेंगू की गंभीरता को कम करने में मदद करता है।

क्या वैक्सीन लगवाने के बाद भी सावधानी जरूरी है?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन सुरक्षा प्रदान कर सकती है, लेकिन यह मच्छरों से बचाव के उपायों का विकल्प नहीं है। इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद भी साफ-सफाई बनाए रखना, पानी जमा न होने देना और मच्छरों से बचाव करना उतना ही जरूरी है।

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। वैक्सीन की उपलब्धता, पात्रता, उपयोग और चिकित्सीय सलाह के लिए अपने डॉक्टर या संबंधित स्वास्थ्य प्राधिकरण से संपर्क करें। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।


