By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
कई बार शरीर में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों को हम सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कुछ लक्षण ऐसे भी हो सकते हैं जो शरीर में बढ़े हुए ब्लड शुगर यानी हाई ब्लड ग्लूकोज की ओर इशारा करते हैं। खास बात यह है कि ब्लड शुगर बढ़ने के शुरुआती दौर में हर व्यक्ति को स्पष्ट लक्षण दिखाई दें, यह जरूरी नहीं है। यही कारण है कि कई लोगों को लंबे समय तक अपने बढ़े हुए शुगर लेवल की जानकारी नहीं हो पाती। डॉक्टरों के अनुसार, लगातार ज्यादा ब्लड शुगर रहने पर शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर इसका असर पड़ सकता है। बार-बार प्यास लगना, पेशाब अधिक आना, असामान्य थकान, नजर धुंधली होना और घाव का देर से भरना जैसे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा डायबिटीज या हाई ब्लड शुगर होना नहीं होता। सही स्थिति जानने के लिए ब्लड ग्लूकोज की जांच जरूरी है।

बार-बार लगती है तेज प्यास तो दें ध्यान
अगर आपको सामान्य दिनों की तुलना में बार-बार और ज्यादा प्यास लगने लगी है, तो इस बदलाव पर ध्यान देना चाहिए। हाई ब्लड शुगर की स्थिति में किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के रास्ते बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसके कारण शरीर से अधिक पानी निकल सकता है और व्यक्ति को ज्यादा प्यास महसूस हो सकती है। अगर पर्याप्त पानी पीने के बावजूद लगातार बहुत ज्यादा प्यास लगती है या मुंह सूखा रहता है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड शुगर की जांच कराना बेहतर है।

बार-बार पेशाब आना भी हो सकता है संकेत
क्या आपको पहले की तुलना में बार-बार पेशाब के लिए जाना पड़ रहा है, खासकर रात में? यह भी बढ़े हुए ब्लड शुगर से जुड़ा एक संभावित संकेत हो सकता है। जब खून में ग्लूकोज की मात्रा ज्यादा हो जाती है तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसके साथ शरीर से पानी भी अधिक बाहर निकल सकता है। परिणामस्वरूप पेशाब की आवृत्ति बढ़ सकती है। हालांकि बार-बार पेशाब आने के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, जैसे ज्यादा पानी या कैफीन का सेवन, यूरिनरी ट्रैक्ट की समस्या या कुछ दवाएं। इसलिए केवल इस एक लक्षण के आधार पर डायबिटीज का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

बिना ज्यादा काम किए थकान महसूस होना
अगर पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार कमजोरी या थकान महसूस होती है, तो शरीर में होने वाले दूसरे बदलावों पर भी ध्यान देना चाहिए। हाई ब्लड शुगर में शरीर के लिए ग्लूकोज का इस्तेमाल प्रभावी ढंग से करना मुश्किल हो सकता है, जिससे कुछ लोगों को थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। अगर रोजमर्रा के सामान्य काम करने में भी पहले की तुलना में ज्यादा थकान महसूस हो रही है और यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से परामर्श लेना उचित है।

आंखों के सामने धुंधला दिखाई देना
ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर कुछ लोगों की दृष्टि अस्थायी रूप से धुंधली हो सकती है। ब्लड ग्लूकोज में बदलाव आंख के लेंस में द्रव के संतुलन को प्रभावित कर सकता है, जिससे कुछ समय के लिए नजर धुंधली महसूस हो सकती है। अगर अचानक या बार-बार धुंधला दिखाई दे रहा है, तो इसे सिर्फ चश्मे का नंबर बढ़ने से जोड़कर नजरअंदाज न करें। लगातार रहने वाली या अचानक शुरू हुई दृष्टि संबंधी समस्या में आंखों के डॉक्टर और जरूरत पड़ने पर चिकित्सक से जांच कराना जरूरी है।

कट या घाव भरने में ज्यादा समय लगना
अगर छोटी चोट, कट या घाव सामान्य से ज्यादा समय में भर रहा है, बार-बार संक्रमण हो रहा है या त्वचा पर समस्या बनी रहती है, तो ब्लड शुगर की जांच कराने पर विचार किया जा सकता है। लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर की प्रतिरक्षा और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है, जिससे घाव भरने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। खासकर पैरों में होने वाले घावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

वजन अचानक कम होना भी हो सकता है चेतावनी
कुछ लोगों में बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज बढ़ाए अचानक वजन कम होना भी डायबिटीज का संभावित संकेत हो सकता है। जब शरीर ग्लूकोज का इस्तेमाल पर्याप्त रूप से नहीं कर पाता, तो वह ऊर्जा के लिए शरीर में जमा फैट और मांसपेशियों का इस्तेमाल करने लग सकता है। अगर आपका वजन बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे ब्लड शुगर के अलावा कई अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
त्वचा में भी दिख सकते हैं बदलाव
कुछ लोगों में बढ़े हुए ब्लड शुगर के साथ त्वचा में खुजली, बार-बार फंगल इंफेक्शन या त्वचा संबंधी अन्य समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। हाई ब्लड शुगर शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता को प्रभावित कर सकता है। गर्दन, बगल या शरीर की सिलवटों वाली जगहों पर त्वचा का ज्यादा काला और मोटा दिखाई देना भी इंसुलिन रेजिस्टेंस से जुड़ा हो सकता है। इसे चिकित्सकीय भाषा में एकैंथोसिस निग्रिकन्स कहा जाता है। ऐसा होने पर डॉक्टर से जांच कराना उपयोगी हो सकता है।

हाथ-पैर में झुनझुनी को भी न करें नजरअंदाज
लंबे समय तक अनियंत्रित ब्लड शुगर रहने पर नसों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके कारण कुछ लोगों को हाथ-पैर में झुनझुनी, सुन्नपन, जलन या चुभन जैसी समस्या महसूस हो सकती है। हालांकि विटामिन की कमी, नसों पर दबाव और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। इसलिए सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।
क्या सिर्फ इन लक्षणों से पता चल सकता है कि शुगर बढ़ी हुई है?
नहीं। शरीर में दिखाई देने वाले लक्षण केवल संकेत हो सकते हैं, लेकिन हाई ब्लड शुगर की पुष्टि ब्लड टेस्ट से ही होती है। कुछ लोगों में ब्लड शुगर बढ़ने के बावजूद लंबे समय तक कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज, रैंडम ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे टेस्ट की सलाह दे सकते हैं। HbA1c टेस्ट पिछले लगभग 2 से 3 महीनों के औसत ब्लड शुगर के बारे में जानकारी देता है।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?
जिन लोगों के परिवार में डायबिटीज का इतिहास है, जिनका वजन ज्यादा है, शारीरिक गतिविधि कम है या जिन्हें पहले प्रीडायबिटीज बताई गई है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच करानी चाहिए। उम्र बढ़ने के साथ भी नियमित स्वास्थ्य जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। इसके अलावा गर्भावस्था के दौरान जिन महिलाओं को गर्भावधि डायबिटीज रही हो, उन्हें भविष्य में भी ब्लड शुगर की निगरानी के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
ब्लड शुगर को सामान्य रखने के लिए क्या करें?
ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और स्वस्थ वजन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। मीठे पेय और अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन कम करना मददगार हो सकता है। फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और पर्याप्त प्रोटीन को संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। अगर डॉक्टर ने डायबिटीज की दवा दी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद या कम नहीं करना चाहिए।

कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर बहुत ज्यादा प्यास और पेशाब के साथ अत्यधिक कमजोरी, उल्टी, पेट दर्द, सांस लेने में परेशानी, भ्रम या बेहोशी जैसी गंभीर समस्या हो रही है, तो इसे सामान्य लक्षण समझकर इंतजार नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सकीय सहायता लेना जरूरी है।
शरीर में बार-बार प्यास लगना, पेशाब अधिक आना, लगातार थकान, धुंधला दिखाई देना, घाव देर से भरना या बिना कारण वजन कम होना जैसे बदलाव हाई ब्लड शुगर से जुड़े हो सकते हैं। लेकिन इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। इसलिए इंटरनेट पर लक्षण पढ़कर खुद से डायबिटीज की पुष्टि करने के बजाय ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना सबसे सही तरीका है।
समय पर जांच होने से ब्लड शुगर की स्थिति का पता लगाया जा सकता है और जरूरत पड़ने पर खानपान, व्यायाम और उपचार में उचित बदलाव किए जा सकते हैं।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। बताए गए लक्षण हाई ब्लड शुगर या डायबिटीज से जुड़े हो सकते हैं, लेकिन इनका होना डायबिटीज की पुष्टि नहीं करता। किसी भी स्वास्थ्य समस्या, लगातार बने लक्षण या असामान्य ब्लड शुगर रिपोर्ट के लिए योग्य डॉक्टर से सलाह लें। दवा या उपचार अपनी मर्जी से शुरू या बंद न करें।
