By: Mala Mandal
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट और अन्य राजनीतिक प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर दिया गया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा फैसला लिया है। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों को विशेष विमानों के जरिए दिल्ली लाया जा रहा है। साथ ही राजधानी में सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात करने के आदेश जारी किए गए हैं।

प्रशासन का कहना है कि राजधानी में लगातार बढ़ रही राजनीतिक गतिविधियों और प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को किसी भी तरह से कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती का उद्देश्य प्रदर्शनकारियों और आम नागरिकों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
सुरक्षा व्यवस्था हुई और कड़ी
सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा का व्यापक खाका तैयार किया है। राजधानी के संवेदनशील इलाकों, सरकारी भवनों, संसद क्षेत्र, प्रमुख चौराहों, मेट्रो स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है। सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां तैनात होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। इन जवानों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण और आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष रूप से लगाया जाएगा।

बंगाल से विमान के जरिए पहुंचे जवान
सुरक्षा तैयारियों के तहत पश्चिम बंगाल में तैनात सीआरपीएफ के जवानों को विशेष विमानों से दिल्ली भेजा जा रहा है। इससे सुरक्षा बलों की उपलब्धता तेजी से बढ़ाई जा सकेगी और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें तुरंत विभिन्न इलाकों में तैनात किया जा सकेगा। अधिकारियों का मानना है कि हवाई मार्ग से जवानों को बुलाने से समय की बचत होगी और सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से मजबूत किया जा सकेगा।

CJP प्रोटेस्ट पर प्रशासन की नजर
दिल्ली में जारी CJP प्रोटेस्ट को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शन की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या हिंसक स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का समन्वय
दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय एजेंसियां मिलकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं। सभी संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल, बैरिकेडिंग, ड्रोन निगरानी और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार नजर रखी जा रही है। इसके अलावा कंट्रोल रूम से पूरे शहर की गतिविधियों की मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि किसी भी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

आम लोगों को दी गई सलाह
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। यदि किसी क्षेत्र में सुरक्षा कारणों से यातायात या आवाजाही में बदलाव किया जाता है तो नागरिक प्रशासन का सहयोग करें। जरूरत पड़ने पर ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली पुलिस द्वारा वैकल्पिक मार्गों की जानकारी भी जारी की जाएगी ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो।

सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क
अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े राजनीतिक प्रदर्शनों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया होती है, जिससे भीड़ नियंत्रण और संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

दिल्ली में CJP प्रोटेस्ट और अन्य राजनीतिक गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र और प्रशासन पूरी तरह सक्रिय दिखाई दे रहा है। पश्चिम बंगाल से विशेष विमानों के जरिए सीआरपीएफ जवानों को बुलाना और 20 अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती इस बात का संकेत है कि प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर चुका है। आने वाले दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शन की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।

