By: Mala Mandal
नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की महत्वपूर्ण मुलाकात हुई। BRICS Summit के दौरान हुई इस द्विपक्षीय बैठक में दोनों नेताओं के बीच भारत और मलेशिया के संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इस मुलाकात का एक दिलचस्प पहलू उस समय सामने आया, जब बातचीत की शुरुआत में ही मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता का जिक्र किया। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी के साथ बातचीत शुरू करते हुए अनवर इब्राहिम ने अपनी ओर आ रहे संदेशों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता की चर्चा की। बातचीत का यह अंदाज दोनों नेताओं की बैठक में एक अनौपचारिक और सकारात्मक माहौल की झलक देता है। BRICS जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच के बीच हुई यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि भारत और मलेशिया के बीच रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में लगातार व्यापक हुए हैं।

BRICS Summit के बीच मोदी-अनवर मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18वें BRICS शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन में दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेता और प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। इसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों नेताओं की बैठक में भारत और मलेशिया के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। खास तौर पर दोनों देशों के बीच रणनीतिक और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर जोर रहा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान रक्षा सहयोग को भी आगे बढ़ाने में रुचि सामने आई है। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम 18वें BRICS Leaders’ Summit में हिस्सा लेने के लिए 11 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचे थे। मलेशियाई सरकारी समाचार एजेंसी Bernama के मुताबिक, यह सम्मेलन भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी में आयोजित हो रहा है।

बातचीत की शुरुआत में PM मोदी की लोकप्रियता का जिक्र
मोदी-अनवर बैठक का सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाला पहलू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता से जुड़ा रहा। बातचीत की शुरुआत में अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी की लोकप्रियता का जिक्र किया और अपने फोन पर लगातार आ रहे संदेशों का हवाला दिया। यह छोटा-सा संवाद राजनीतिक और कूटनीतिक बातचीत से अलग एक दिलचस्प क्षण के तौर पर देखा जा रहा है। किसी अंतरराष्ट्रीय नेता द्वारा दूसरे देश के प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का इस तरह उल्लेख करना सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, किसी नेता की लोकप्रियता को केवल ऐसे एक संवाद से मापना उचित नहीं होगा। लेकिन यह जरूर दिखाता है कि प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक और अंतरराष्ट्रीय छवि पर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चर्चा होती रहती है।

भारत-मलेशिया संबंधों के लिए क्यों अहम है बैठक?
भारत और मलेशिया के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं। दोनों देशों के बीच आर्थिक, रणनीतिक, रक्षा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग है। ऐसे समय में जब भारत इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी भूमिका को लगातार मजबूत कर रहा है, मलेशिया के साथ रिश्तों को नई दिशा देना भारत के लिए महत्वपूर्ण है। मलेशिया दक्षिण-पूर्व एशिया का एक प्रमुख देश है और ASEAN क्षेत्र में उसका महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे में भारत के लिए मलेशिया के साथ मजबूत संबंध दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक और आर्थिक पहुंच को बढ़ाने में मददगार हो सकते हैं। BRICS के विस्तार के बाद संगठन का वैश्विक प्रभाव भी बढ़ा है। ऐसे माहौल में भारत द्वारा अलग-अलग देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना उसकी व्यापक विदेश नीति का हिस्सा माना जा सकता है।

रक्षा सहयोग पर भी बढ़ा फोकस
मोदी-अनवर मुलाकात का एक महत्वपूर्ण पहलू रक्षा सहयोग से जुड़ा बताया जा रहा है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, मलेशिया और भारत दोनों ने रक्षा क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने में रुचि दिखाई है। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में भारत दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ अपने संबंधों को लगातार विस्तार देने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में मलेशिया के साथ रक्षा संबंधों को मजबूत करना रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी और स्वदेशी रक्षा उपकरणों के निर्यात की दिशा में उठाए जा रहे कदम भी इस तरह के सहयोग के लिए नए अवसर पैदा कर सकते हैं।

BRICS Summit में भारत की बढ़ती भूमिका
इस वर्ष का BRICS Summit भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नई दिल्ली में आयोजित इस सम्मेलन के जरिए भारत वैश्विक दक्षिण की आवाज को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने BRICS के उद्घाटन सत्र में कहा कि वैश्विक निर्णय लेने की मौजूदा व्यवस्था में विकासशील देशों की भूमिका बढ़नी चाहिए। उन्होंने वैश्विक व्यवस्था को ऐसी साझेदारी में बदलने की बात कही, जिसमें Global South केवल नियमों का पालन करने वाला पक्ष न होकर नियम बनाने में भी सक्रिय भूमिका निभाए। BRICS के मंच पर रूस, चीन, ईरान समेत कई महत्वपूर्ण देशों की मौजूदगी भारत के लिए कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी कर रहे हैं।

अनवर इब्राहिम के बयान का क्या संदेश?
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम द्वारा बातचीत के शुरुआती क्षणों में पीएम मोदी की लोकप्रियता का जिक्र किए जाने को एक सकारात्मक और अनौपचारिक कूटनीतिक संकेत के रूप में देखा जा सकता है। इससे दोनों नेताओं के बीच बातचीत के माहौल की सहजता भी सामने आती है। हालांकि, इस टिप्पणी को किसी आधिकारिक राजनीतिक समर्थन या किसी विशेष नीति का संकेत मानना उचित नहीं होगा। इसे दोनों नेताओं के बीच बातचीत के दौरान सामने आए एक दिलचस्प संवाद के रूप में देखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, BRICS Summit 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मुलाकात भारत-मलेशिया संबंधों के लिए महत्वपूर्ण रही। बैठक में जहां रणनीतिक और रक्षा सहयोग जैसे गंभीर मुद्दे चर्चा में रहे, वहीं प्रधानमंत्री मोदी की लोकप्रियता को लेकर अनवर इब्राहिम की टिप्पणी ने इस मुलाकात को खास बना दिया।

अब सवाल यह है कि आने वाले समय में भारत और मलेशिया अपने द्विपक्षीय संबंधों को किस स्तर तक ले जाते हैं और रक्षा, व्यापार, निवेश तथा रणनीतिक सहयोग में कितनी तेजी आती है। BRICS के बड़े मंच के बीच हुई यह मुलाकात निश्चित रूप से दोनों देशों के रिश्तों के लिए एक सकारात्मक संकेत के तौर पर देखी जा सकती है।

