By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही भारी बारिश ने पूरे क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। पिछले कई दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कें जलमग्न हैं, नदियां और नाले उफान पर हैं तथा पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं। प्रशासन के अनुसार, पिछले चार दिनों में बारिश से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में अब तक 31 लोगों की जान जा चुकी है। वहीं हजारों लोगों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।

लगातार खराब मौसम का असर धार्मिक यात्राओं पर भी देखने को मिल रहा है। देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र अमरनाथ यात्रा और माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार पांचवें दिन भी स्थगित रखी गई है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।

भारी बारिश के कारण जम्मू, श्रीनगर, रामबन, रियासी, किश्तवाड़, डोडा और ऊधमपुर समेत कई जिलों में हालात गंभीर बने हुए हैं। कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर भूस्खलन होने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है, जिससे राहत और बचाव कार्यों में भी कठिनाई आ रही है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम कर रही हैं। कई स्थानों पर फंसे लोगों को हेलीकॉप्टर और नावों की मदद से निकाला गया है। राहत शिविरों में भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। इसके साथ ही लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है क्योंकि लगातार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा अभी भी बना हुआ है।

अमरनाथ यात्रा के दोनों प्रमुख मार्गों पर लगातार बारिश और भूस्खलन के चलते यात्रा रोक दी गई है। बालटाल और पहलगाम मार्ग पर कई स्थानों पर चट्टानें गिरने तथा रास्तों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार मार्ग का निरीक्षण कर रही हैं ताकि मौसम सामान्य होने पर श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके।
माता वैष्णो देवी यात्रा पर भी मौसम की मार साफ दिखाई दे रही है। कटरा से भवन तक जाने वाले मार्ग पर फिसलन और बारिश के कारण यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से अपील कर रहा है कि वे आधिकारिक सूचना मिलने तक यात्रा की योजना न बनाएं।

बारिश के कारण कृषि क्षेत्र पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। कई खेतों में पानी भर जाने से फसलों को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय किसानों ने सरकार से मुआवजे की मांग की है। वहीं व्यापार और पर्यटन उद्योग भी प्रभावित हुआ है। होटल, टैक्सी और पर्यटन से जुड़े कारोबारियों को लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राज्य प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त राहत दल तैनात किए गए हैं। अस्पतालों को भी किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। बिजली और पेयजल व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए संबंधित विभाग लगातार काम कर रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार हो रही अत्यधिक बारिश के कारण नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में नदियों और नालों के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। प्रशासन ने कई निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

देशभर से लोग जम्मू-कश्मीर के प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा राहत सामग्री भेजने की भी पहल की जा रही है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और हालात सामान्य करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

फिलहाल जम्मू-कश्मीर में मौसम की स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। लगातार बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसे हालात ने आम जनजीवन के साथ-साथ धार्मिक यात्राओं को भी प्रभावित किया है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों से अफवाहों से बचने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति में सुधार होने के बाद ही अमरनाथ और वैष्णो देवी यात्रा दोबारा शुरू करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

