By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच शनिवार को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जैसे ही यह खबर जंतर-मंतर पहुंची, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने मंच से घोषणा करते हुए कहा, “We have done it. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है।” इसके बाद प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर तथा नारे लगाकर इस घटनाक्रम का स्वागत किया।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा पिछले कई सप्ताह से चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया है। आंदोलनकारी लगातार परीक्षा प्रणाली में सुधार, कथित पेपर लीक मामलों में सख्त कार्रवाई और शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे थे। जंतर-मंतर पर हजारों छात्र और युवा लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।

अभिजीत दीपके ने मंच से कहा कि यह सिर्फ किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि देशभर के छात्रों की जीत है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण आंदोलन ने यह साबित कर दिया कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके “We have done it” वाले बयान के बाद पूरे प्रदर्शन स्थल पर तालियों और नारों की गूंज सुनाई दी।

इस्तीफे की जानकारी मिलते ही प्रदर्शनकारी राष्ट्रीय ध्वज लेकर जश्न मनाने लगे। कई छात्रों ने इसे लोकतंत्र की जीत बताया। हालांकि आंदोलन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी अन्य मांगें भी हैं और उन पर सरकार की कार्रवाई देखने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में कहा कि हाल के घटनाक्रमों और देशभर में बने माहौल को देखते हुए उन्होंने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो और कोई भी असामाजिक या राष्ट्रविरोधी तत्व इस स्थिति का फायदा न उठा सके।

पिछले कुछ दिनों में आंदोलन ने राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक समर्थन हासिल किया था। विभिन्न छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने भी प्रदर्शनकारियों की कई मांगों का समर्थन किया। इसी दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए दिल्ली के कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी।

जंतर-मंतर पर अभिजीत दीपके के संबोधन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है, “We have done it. Dharmendra Pradhan has resigned.” इसके बाद मंच के सामने मौजूद लोग खुशी से झूमते दिखाई देते हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इस्तीफा हाल के वर्षों में छात्र आंदोलन से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण घटनाक्रमों में से एक माना जा सकता है। वहीं सरकार की ओर से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के संकेत पहले ही दिए जा चुके हैं।

अब सभी की नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपती है और छात्रों की बाकी मांगों पर क्या फैसला लिया जाता है। आंदोलनकारी फिलहाल अपनी आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं।

