By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत से ठीक पहले देवघर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी पुलिस बनकर लूटपाट करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर गठित विशेष छापेमारी दल ने जसीडीह थाना क्षेत्र में एक अधनिर्मित मकान पर छापेमारी कर 10 अपराधियों को गिरफ्तार किया। मौके से पुलिस ने एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, पिस्टल का मैगजीन, पांच कैमोफ्लाज पुलिस वर्दी, पांच कैमोफ्लाज पैंट, पांच टोपी, चार प्लास्टिक स्टिक तथा दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

पुलिस के अनुसार यह गिरोह पुलिसकर्मियों की तरह वर्दी पहनकर आम लोगों को रोकता था और खुद को पुलिस अथवा साइबर पुलिस बताकर तलाशी के नाम पर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देता था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि गिरोह के सदस्य काफी सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देते थे और कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलते रहते थे।
फर्जी पुलिस बनकर करते थे लूटपाट
जांच में सामने आया है कि गिरोह पहले सुनसान स्थानों पर बैठकर योजना बनाता था। इसके बाद पुलिस जैसी वर्दी पहनकर राहगीरों, ग्रामीणों और वाहन चालकों को रोकता था। खुद को पुलिसकर्मी बताकर तलाशी लेने के बहाने लोगों से नकदी, मोबाइल और अन्य कीमती सामान लूट लिया जाता था। कई मामलों में लोगों को डराकर और धमकाकर भी वारदात को अंजाम दिया गया।पुलिस का कहना है कि गिरोह के सदस्य विशेष रूप से ऐसे इलाकों को चुनते थे जहां पुलिस की मौजूदगी कम रहती थी। इससे लोगों को आसानी से झांसे में लेकर अपराध को अंजाम दिया जाता था।

कई लूटकांडों का खुलासा
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार अपराधियों ने हाल के महीनों में देवघर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई कई लूट की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार गिरोह लगातार नई वारदात की तैयारी कर रहा था। श्रावणी मेले के दौरान बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को भी निशाना बनाए जाने की आशंका थी, लेकिन समय रहते पुलिस ने कार्रवाई कर गिरोह की योजना विफल कर दी।

हथियार और पुलिस की वर्दी बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने अपराधियों के पास से एक देसी पिस्टल, चार जिंदा कारतूस, एक मैगजीन, पांच कैमोफ्लाज टी-शर्ट, पांच कैमोफ्लाज पैंट, पांच कैमोफ्लाज टोपी, चार प्लास्टिक स्टिक और दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं। बरामद सामान से स्पष्ट है कि गिरोह पूरी तैयारी के साथ पुलिसकर्मियों का रूप धारण कर अपराध करता था।

गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
इस मामले में जसीडीह थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं तथा आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, उनके नेटवर्क और अन्य संभावित वारदातों की जानकारी जुटा रही है।

कई अपराधियों का आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार किए गए कई अपराधियों के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, अपहरण, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं। कुछ आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं। पुलिस अब इनके पुराने मामलों की भी समीक्षा कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन-किन घटनाओं में इनकी भूमिका रही है।

विशेष टीम ने दिया कार्रवाई को अंजाम
इस पूरी कार्रवाई में जसीडीह, देवीपुर, मोहनपुर, चितरा और मधुपुर थाना की पुलिस के साथ तकनीकी शाखा की टीम भी शामिल रही। गुप्त सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम ने सुनियोजित तरीके से छापेमारी कर पूरे गिरोह को दबोच लिया।

श्रावणी मेले से पहले बड़ी सफलता
देवघर में कुछ ही दिनों बाद विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले की शुरुआत होने वाली है, जिसमें देशभर से लाखों कांवरिये बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे समय में फर्जी पुलिस बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। इससे मेले के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
देवघर पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति पुलिसकर्मी बनकर अवैध वसूली, तलाशी या पूछताछ करता दिखाई दे तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि श्रावणी मेले के दौरान अपराधियों पर लगातार विशेष निगरानी रखी जाएगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
