By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 में बाबा वैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। अब बाबा मंदिर में जलार्पण करने आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं को अपने बैग, मोबाइल, कीमती सामान या अन्य वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं होगी। जिला प्रशासन ने क्यू कॉम्प्लेक्स में ‘अमानती सामान घर’ (क्लॉक रूम) की शुरुआत कर दी है, जहां श्रद्धालु अपना सामान पूरी तरह सुरक्षित रखकर निश्चिंत होकर बाबा वैद्यनाथ का जलार्पण कर सकेंगे।

सोमवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने क्यू कॉम्प्लेक्स स्थित अमानती सामान घर का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल भीड़ प्रबंधन करना नहीं, बल्कि बाबा नगरी आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित, सुविधाजनक और व्यवस्थित दर्शन एवं जलार्पण का अनुभव उपलब्ध कराना है। श्रावणी मेला के दौरान प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। लंबी कतारों में खड़े रहने के कारण कई बार उन्हें अपने सामान की सुरक्षा को लेकर परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या के समाधान के लिए क्यू कॉम्प्लेक्स में यह विशेष व्यवस्था शुरू की गई है।

उपायुक्त ने कहा कि अमानती सामान घर पूरी तरह निःशुल्क संचालित किया जाएगा। किसी भी श्रद्धालु से सामान रखने या वापस लेने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे दूर-दराज़ से आने वाले श्रद्धालुओं को आर्थिक रूप से भी राहत मिलेगी और वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
उन्होंने बताया कि इस क्लॉक रूम में श्रद्धालुओं का सामान पूरी तरह सुरक्षित रखा जाएगा। बैग, मोबाइल, अन्य आवश्यक वस्तुएं और कीमती सामान सुरक्षित रखने के बाद श्रद्धालु बिना किसी चिंता के बाबा मंदिर जाकर जलार्पण कर सकेंगे। इससे मंदिर परिसर और कतारों में अनावश्यक सामान ले जाने की आवश्यकता भी कम होगी, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जिला प्रशासन ने सामान जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया को भी बेहद सरल और पारदर्शी बनाया है। श्रद्धालुओं का समय बचाने के लिए ऐसी व्यवस्था की गई है कि उन्हें अधिक देर तक इंतजार न करना पड़े। प्रशासन का प्रयास है कि जलार्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े और वे सहज एवं व्यवस्थित तरीके से अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि बाबा धाम आने वाले सभी श्रद्धालु देवतुल्य हैं और उनकी सुविधा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु को सामान जमा करने या वापस लेने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि किसी प्रकार की समस्या सामने आती है तो उसका तत्काल समाधान किया जाए।

इसके साथ ही उपायुक्त ने क्लॉक रूम की व्यवस्था को चौबीसों घंटे सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती रहती है। ऐसे में हर समय पर्याप्त कर्मियों की उपलब्धता और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी समय आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा का लाभ मिल सके।

श्रावणी मेला के दौरान जिला प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के लिए नई-नई व्यवस्थाएं लागू कर रहा है। पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पार्किंग, विश्राम स्थल और सूचना केंद्र जैसी व्यवस्थाओं के साथ अब निःशुल्क अमानती सामान घर की शुरुआत भी श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत साबित होगी। इससे विशेष रूप से उन कांवरियों को लाभ मिलेगा जो लंबी दूरी तय कर बाबा धाम पहुंचते हैं और जलार्पण के दौरान अपने सामान की सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।

जिला प्रशासन का मानना है कि आधुनिक और सुव्यवस्थित सुविधाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं की यात्रा को अधिक सुरक्षित, सहज और यादगार बनाया जा सकता है। यही कारण है कि इस वर्ष श्रावणी मेला में श्रद्धालुओं की सुविधा को केंद्र में रखकर कई नई व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।

इस अवसर पर उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता जिला परिषद, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी रोहित कुमार विद्यार्थी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि श्रावणी मेला के दौरान आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हों तथा वह बिना किसी परेशानी के बाबा वैद्यनाथ का जलार्पण कर सके।

