By: Mala Mandal
देवघर। विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का शुभारंभ गुरुवार को कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि के साथ पूरी धार्मिक आस्था और पारंपरिक विधि-विधान के बीच हुआ। श्रावणी मेले के प्रथम दिन बाबा बैद्यनाथ मंदिर में प्रातःकालीन सरकारी पूजा संपन्न होने के बाद सुबह 4:10 बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। इसके साथ ही लाखों शिवभक्तों ने “बोल बम” और “हर-हर महादेव” के जयघोष के बीच बाबा बैद्यनाथ पर पवित्र गंगाजल अर्पित कर जलार्पण किया तथा भगवान शिव का दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

श्रावणी मेले के पहले दिन बाबा बैद्यनाथ मंदिर में सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए प्रातःकालीन पूजा-अर्चना सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा के नेतृत्व में संपन्न हुई। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सबसे पहले रोहित समाज द्वारा बाबा भोलेनाथ को कच्चा जल अर्पित किया गया। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और श्रावणी मेले की शुरुआत इसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ होती है।

कच्चा जल अर्पित किए जाने के उपरांत सरदार पंडा गुलाब नंद ओझा द्वारा सरकारी पूजा प्रारंभ की गई। षोडशोपचार विधि के अनुसार बाबा बैद्यनाथ का विशेष पूजन किया गया। इस दौरान भगवान शिव को गंगाजल, मधु, इत्र, नैवेद्य, पुष्प, बेलपत्र तथा अन्य पूजन सामग्रियां अर्पित की गईं। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक विधानों के बीच संपन्न हुई इस पूजा में मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
सरकारी पूजा के समापन के बाद सुबह 4:10 बजे श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खोल दिए गए। इसके साथ ही अरघा प्रणाली के माध्यम से श्रद्धालुओं का जलार्पण प्रारंभ हुआ। जैसे ही मंदिर के पट खुले, दूर-दराज से पहुंचे लाखों कांवरियों और श्रद्धालुओं में बाबा के दर्शन की उत्सुकता साफ दिखाई दी। “बोल बम”, “हर-हर महादेव” और “जय बाबा बैद्यनाथ” के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गूंज उठा।

मंदिर का पट खोलने की प्रक्रिया प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर प्रबंधन की उपस्थिति में पूरी पारदर्शिता और परंपरा के अनुसार संपन्न की गई। मंदिर का पट खुलने से पहले निकास द्वार पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवनिया, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीणा, अनुमंडल पदाधिकारी सह मंदिर प्रभारी रवि कुमार, खेल पदाधिकारी सह सहायक मंदिर प्रभारी संतोष कुमार, मंदिर में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, मजिस्ट्रेट, मंदिर कर्मी तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। सभी की उपस्थिति में निर्धारित प्रक्रिया के तहत मंदिर का पट खोला गया।

श्रावणी मेले के प्रथम दिन प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुचारु जलार्पण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मंदिर परिसर, क्यू कॉम्प्लेक्स, निकास एवं प्रवेश मार्गों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, दंडाधिकारी, स्वयंसेवकों तथा स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की गई थी। श्रद्धालुओं की कतारों को व्यवस्थित रखने के लिए बैरिकेडिंग, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समुचित व्यवस्था की गई।

विश्व प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाला श्रावणी मेला देश के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक माना जाता है। इस दौरान देश-विदेश से लाखों शिवभक्त सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर लगभग 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी कर देवघर पहुंचते हैं और बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक करने वाले श्रद्धालुओं की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

श्रावणी मेले के प्रथम दिन सुबह से ही कांवरियों का उत्साह देखने लायक रहा। लाल और केसरिया वस्त्रों में सजे शिवभक्त हाथों में कांवर लेकर मंदिर की ओर बढ़ते दिखाई दिए। मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए प्रशासन लगातार निगरानी करता रहा। अधिकारियों ने भी समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

धार्मिक आस्था, परंपरा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बीच श्रावणी मेला 2026 का पहला दिन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। सरकारी पूजा के बाद शुरू हुए जलार्पण का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और अधिक बढ़ने की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन ने सभी विभागों को पूरी सतर्कता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का निर्देश दिया है। बाबा बैद्यनाथ धाम में पूरे श्रावण मास तक आस्था, भक्ति और श्रद्धा का यह महापर्व इसी प्रकार निरंतर चलता रहेगा।


