By: Mala Mandal
देवघर। बाबा बैद्यनाथ की पावन नगरी देवघर में विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2026 का भव्य शुभारंभ मंगलवार को झारखंड-बिहार सीमा स्थित दुम्मा कांवरिया पथ पर वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ हुआ। नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा तथा पर्यटन, कला, संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार और ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने संयुक्त रूप से मेले का उद्घाटन किया। 11 वैदिक पुरोहितों द्वारा बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा के बाद विधिवत श्रावणी मेले की शुरुआत की गई। इस अवसर पर देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, जरमुण्डी विधायक देवेन्द्र कुंवर, नगर निगम के महापौर, जिला परिषद अध्यक्ष, बीस सूत्री उपाध्यक्ष, उप महापौर सहित कई जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

30 जुलाई से 28 अगस्त तक चलेगा श्रावणी मेला
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 30 जुलाई से 28 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सावन के पवित्र महीने में बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले देवतुल्य कांवरियों की सेवा करना भगवान शिव की सेवा के समान है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुगम जलार्पण की सुविधा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस बार मेले में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग किया गया है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। सरकार का प्रयास है कि देवघर आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुखद अनुभव और अच्छी स्मृतियों के साथ अपने घर लौटे।

AI आधारित तकनीक से होगी भीड़ और सुरक्षा की निगरानी
मंत्री ने बताया कि इस वर्ष पहली बार श्रावणी मेला क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। AI सिस्टम की मदद से भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को पहले से अधिक प्रभावी बनाया गया है। आधुनिक तकनीक के उपयोग से किसी भी आपात स्थिति पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित की जा सकेगी।

QR Code से 15 मिनट में शिकायत का समाधान
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष डिजिटल शिकायत निवारण प्रणाली भी शुरू की गई है। मेला क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर लगाए गए QR Code को स्कैन कर श्रद्धालु अपनी शिकायत फोटो सहित दर्ज कर सकेंगे। जिला प्रशासन का दावा है कि शिकायत मिलने के बाद अधिकतम 15 मिनट के भीतर उसके समाधान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पेयजल, सफाई, शौचालय, बिजली, चिकित्सा या अन्य किसी भी समस्या का त्वरित समाधान संभव होगा।

फेस रिकग्निशन और ANPR कैमरों से होगी सुरक्षा
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे मेला क्षेत्र में अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है। ANPR (Automatic Number Plate Recognition), फेस रिकग्निशन कैमरे और हेड काउंट कैमरों की सहायता से वाहनों की निगरानी, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर और भीड़ का आकलन किया जाएगा। इन तकनीकों के माध्यम से सुरक्षा एजेंसियां किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई कर सकेंगी।
वीआईपी और आउट ऑफ टर्न दर्शन पूरी तरह बंद
उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार श्रावणी मेला 2026 के दौरान वीआईपी, वीवीआईपी तथा आउट ऑफ टर्न दर्शन की व्यवस्था पूरी तरह बंद रहेगी। सभी श्रद्धालुओं को समान रूप से निर्धारित कतार व्यवस्था के अनुसार ही बाबा बैद्यनाथ के दर्शन और जलार्पण का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित दर्शन कराना है। किसी भी वर्ग के लिए विशेष व्यवस्था नहीं होगी।

नई तकनीक से मिलेगी हर जरूरी जानकारी
उपायुक्त ने बताया कि इस वर्ष मेला क्षेत्र में सूचना प्रबंधन को भी तकनीकी रूप से मजबूत बनाया गया है। श्रद्धालुओं को विभिन्न डिजिटल माध्यमों से रूट, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवा, पेयजल, शौचालय, आवास, ट्रैफिक और अन्य आवश्यक जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।

शिवलोक परिसर बनेगा आकर्षण का केंद्र
श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से शिवलोक परिसर में भव्य प्रदर्शनी और सांस्कृतिक मंच का निर्माण कराया गया है। यहां पूरे मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, धार्मिक प्रस्तुतियां और विभिन्न प्रदर्शनियां आयोजित की जाएंगी। इसके साथ ही इस वर्ष ड्रोन शो का भी आयोजन किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
देवघर पूरी तरह तैयार
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि बाबा नगरी देवघर पूरी तरह तैयार है और सभी श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा स्थानीय नागरिक पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी का प्रयास होना चाहिए कि यहां आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु सुखद अनुभव लेकर अपने गंतव्य की ओर लौटे।
उन्होंने अधिकारियों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और स्थानीय लोगों से अपील की कि सभी मिलकर इस ऐतिहासिक मेले को सफल बनाने में सहयोग करें।

जनप्रतिनिधियों ने किया श्रद्धालुओं का स्वागत
देवघर विधायक सुरेश पासवान, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह और जरमुण्डी विधायक देवेन्द्र कुंवर ने कहा कि जिला प्रशासन ने इस बार बेहतर और आधुनिक व्यवस्थाएं की हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को इस बार पहले से बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और वे सुखद अनुभव के साथ अपने घर लौटेंगे।
प्रशासन का दावा- हर सुविधा का रखा जाएगा विशेष ध्यान
उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा कि जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल, यातायात, बिजली, आवास, पार्किंग, नियंत्रण कक्ष, आपदा प्रबंधन और सूचना तंत्र सहित सभी व्यवस्थाओं को मजबूत किया है। प्रशासन का उद्देश्य केवल सफल आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और संतोषजनक अनुभव उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रावणी मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी उद्देश्य से आधुनिक तकनीक, डिजिटल सेवाएं और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था लागू की गई है।

बड़ी संख्या में मौजूद रहे अधिकारी
उद्घाटन समारोह में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, उप विकास आयुक्त पियुष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला 2026 के शुभारंभ के साथ अब बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है। जिला प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार आधुनिक तकनीक, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल सेवाओं के कारण श्रद्धालुओं को पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और यादगार अनुभव मिलेगा।

