By: Vikash Kumar Raut (Vicky)
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के दौरान देवतुल्य कांवरियों एवं श्रद्धालुओं को बेहतर से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए देवघर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी दूसरी सोमवारी को देखते हुए श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ और आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए सदर अस्पताल, देवघर में विशेष स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

श्रावणी मेला के दौरान बड़ी संख्या में कांवरिया बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जलार्पण करने के लिए देवघर पहुंचते हैं। लंबी दूरी की पैदल यात्रा, गर्मी, उमस, भीड़ और लगातार यात्रा के कारण कई श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि किसी भी श्रद्धालु को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो और आपात स्थिति में तत्काल उपचार शुरू किया जा सके।

इसी उद्देश्य से असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, देवघर के कार्यालय की ओर से 9 अगस्त 2026 को आदेश जारी किया गया है। आदेश में श्रावणी मेला 2026 के लिए आयोजित समीक्षात्मक बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में सदर अस्पताल, देवघर में 10 बेड को चिन्हित कर सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है। इन बेड का उपयोग विशेष रूप से आपात स्थिति से निपटने के लिए किया जाएगा।
आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 बेड सुरक्षित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार सदर अस्पताल के विभिन्न विभागों के माध्यम से आपात स्थिति के दौरान आवश्यक दवा, उपकरण, उपस्कर, ऑक्सीजन और अन्य जरूरी चिकित्सा सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर उन्हें अलग-अलग समय अवधि में जिम्मेदारी सौंपी गई है। निर्देश के तहत अस्पताल में स्ट्रेचर, ट्रॉली, व्हीलचेयर, पल्स ऑक्सीमीटर, ऑक्सीजन सिलेंडर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, बीपी मशीन सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। इससे किसी भी गंभीर मरीज या श्रद्धालु को अस्पताल पहुंचने के बाद उपचार के लिए आवश्यक संसाधनों की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

चार शिफ्ट में कर्मचारियों की ड्यूटी
सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए कर्मचारियों को चार अलग-अलग शिफ्ट में जिम्मेदारी दी गई है। आदेश के अनुसार सुबह 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक वित्त प्रबंधक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके बाद दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक लिपिक की ड्यूटी निर्धारित की गई है। इसी तरह शाम 6 बजे से रात 12 बजे तक स्टोर कीपर को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक किट संग्राहक को ड्यूटी पर तैनात किया गया है। संबंधित कर्मियों को निर्धारित अवधि में सदर अस्पताल में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में अस्पताल के विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना भी है। अधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने निर्धारित दायित्वों के अनुसार सक्रिय रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल आवश्यक कार्रवाई करेंगे।
भंडारपाल से समन्वय कर उपलब्ध कराई जाएंगी सामग्री
आदेश में सदर अस्पताल, देवघर के उपाधीक्षक को विशेष निर्देश दिया गया है कि वे अपने संस्थान में आपात स्थिति से निपटने के लिए 10 बेड चिन्हित करना सुनिश्चित करें। वहीं प्रतिनियुक्त दल के सदस्यों को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी निर्धारित ड्यूटी अवधि के दौरान सदर अस्पताल में उपस्थित होकर भंडारपाल के साथ समन्वय स्थापित करें। भंडारपाल के साथ समन्वय करते हुए दवा, चिकित्सा उपकरण, ऑक्सीजन और अन्य आवश्यक सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी दी गई है। इसके साथ ही अस्पताल के निर्धारित कर्तव्य तालिका के अनुसार चिकित्सा पदाधिकारियों एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा गया है।

दूसरी सोमवारी पर बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़
श्रावणी मेला के दौरान सोमवार का दिन विशेष महत्व रखता है। खासकर सावन की सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर में जलार्पण करने के लिए बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं। दूसरी सोमवारी को भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन स्वास्थ्य, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है। कांवरिया पथ से लेकर बाबा बैद्यनाथ मंदिर परिसर और सदर अस्पताल तक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। किसी श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ने, चोट लगने, डिहाइड्रेशन, कमजोरी, सांस लेने में परेशानी या अन्य आकस्मिक स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर रहेगी विशेष निगरानी
श्रावणी मेला के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी लगातार व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं। सदर अस्पताल में आपातकालीन स्थिति के लिए बेड और जरूरी उपकरणों को तैयार रखने के साथ-साथ कर्मचारियों की उपस्थिति पर भी विशेष जोर दिया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर उन्हें तत्काल और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा मिल सके। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम को पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया गया है।

दूसरी सोमवारी को लेकर तैयार की गई यह कार्ययोजना श्रावणी मेला में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के बीच बेहतर समन्वय के साथ आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारी की गई है।


