By: Mala Mandal
देवघर। राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। लाखों की संख्या में कांवरिया बाबा नगरी पहुंचकर बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण कर रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम जलार्पण, भीड़ नियंत्रण और कतार व्यवस्था को लेकर देवघर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। प्रशासन की ओर से अत्याधुनिक तकनीक और कंट्रोल रूम के माध्यम से मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। चौथी सोमवारी के अवसर पर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया और पुलिस अधीक्षक श्री प्रवीण पुष्कर ने संयुक्त रूप से बाबा बैद्यनाथ मंदिर स्थित मुख्य कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों वरीय अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में स्थापित आधुनिक सीसीटीवी कैमरों, वीडियो वॉल और क्यू मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से मेला क्षेत्र की लाइव स्थिति का जायजा लिया।

कंट्रोल रूम से हर गतिविधि पर नजर
बाबा मंदिर कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मेला क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों, रूट लाइनिंग, कतार व्यवस्था और मंदिर परिसर के आंतरिक एवं बाहरी क्षेत्रों की निगरानी की जा रही थी। कंट्रोल रूम में मौजूद तकनीकी टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों से प्राप्त लाइव फुटेज के आधार पर भीड़ की स्थिति पर नजर रखी जा रही थी। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने विभिन्न कतार बिंदुओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने देखा कि श्रद्धालुओं की कतार लगातार आगे बढ़ रही है या नहीं और कहीं किसी स्थान पर अनावश्यक रूप से भीड़ तो नहीं बढ़ रही है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह रहा कि कांवरियों को लंबे समय तक एक ही स्थान पर रुकना न पड़े और उन्हें व्यवस्थित तरीके से मंदिर तक पहुंचाकर सुगम जलार्पण कराया जा सके।

क्यू मॉनिटरिंग सिस्टम से भीड़ प्रबंधन
चौथी सोमवारी जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर क्यू मॉनिटरिंग सिस्टम प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण तकनीकी माध्यम बना। इसके जरिए रूटलाइन के अलग-अलग हिस्सों में श्रद्धालुओं की भीड़ और कतार की गति पर नजर रखी गई। किसी स्थान पर कतार की गति धीमी होने या श्रद्धालुओं की संख्या अचानक बढ़ने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने IMCR और बाबा मंदिर कंट्रोल रूम में तैनात अधिकारियों तथा तकनीकी टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेला क्षेत्र के सभी संवेदनशील और महत्वपूर्ण पॉइंट पर लगातार निगरानी रखी जाए। किसी भी स्थान पर भीड़ बढ़ने, कतार की गति प्रभावित होने या किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल ऑन-ड्यूटी दंडाधिकारी और पुलिस बल को इसकी सूचना दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी
प्रशासन की ओर से मेला क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती गई। कंट्रोल रूम में मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सीसीटीवी के माध्यम से मिलने वाली सूचनाओं को केवल रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर उसका तत्काल उपयोग भी किया जाए। भीड़ के दबाव वाले स्थानों पर पुलिस और दंडाधिकारी की तैनाती, श्रद्धालुओं की आवाजाही और रूटलाइन की स्थिति को लगातार मॉनिटर किया गया। कंट्रोल रूम से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संबंधित टीमों को मौके पर आवश्यक कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जा सकता है। इससे मेला क्षेत्र में किसी भी संभावित स्थिति से निपटने में प्रशासन को मदद मिली।

अंतिम सोमवारी को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद
राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी होने के कारण बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या काफी अधिक रही। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे कांवरिया पवित्र गंगाजल लेकर बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचे और कतारबद्ध होकर बाबा पर जलार्पण किया। अंतिम सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन ने पहले से ही सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी की थी। रूटलाइन, मंदिर परिसर, कंट्रोल रूम और मेला क्षेत्र के अन्य प्रमुख हिस्सों में अधिकारियों और पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ तकनीकी निगरानी व्यवस्था को भी सक्रिय रखा गया।
प्रशासन की कोशिश रही कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। भीड़ के बावजूद कतार को व्यवस्थित और गतिमान रखने पर विशेष जोर दिया गया। वहीं, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किसी भी संभावित आपात स्थिति पर त्वरित प्रतिक्रिया की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

अधिकारियों ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा
कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने उपलब्ध तकनीकी संसाधनों की कार्यप्रणाली की भी जानकारी ली। अधिकारियों ने कंट्रोल रूम में तैनात कर्मियों से अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति के संबंध में जानकारी प्राप्त की और आवश्यक निर्देश दिए।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि चौथी सोमवारी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी समस्या का कारण बन सकती है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी और कर्मी आपसी समन्वय के साथ काम करें और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने विशेष रूप से क्यू मॉनिटरिंग और सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाए रखने का निर्देश दिया, ताकि मेला क्षेत्र में भीड़ की स्थिति का समय रहते आकलन किया जा सके।
इस दौरान उप विकास आयुक्त श्री पीयूष सिन्हा, अनुमंडल पदाधिकारी श्री रवि कुमार समेत संबंधित अधिकारी और तकनीकी टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी पर बाबा बैद्यनाथ मंदिर और मेला क्षेत्र में प्रशासन की तकनीकी निगरानी व्यवस्था पूरी तरह सक्रिय रही। कंट्रोल रूम से लाइव मॉनिटरिंग, क्यू मॉनिटरिंग सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और मौके पर तैनात अधिकारियों के समन्वय से श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुगम जलार्पण कराने की दिशा में प्रशासन लगातार जुटा रहा।

