By: Mala Mandal
देश में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस मुख्यालय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कांग्रेस पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने इस मुद्दे को देश की जनता के सामने रखते हुए कहा कि अब फैसला देश को करना है।निशिकांत दुबे के इस वीडियो पोस्ट के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने इसे राष्ट्र सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि कांग्रेस की ओर से इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना जताई जा रही है।

निशिकांत दुबे ने वीडियो शेयर कर साधा निशाना
गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कांग्रेस मुख्यालय से जुड़ा एक वीडियो साझा किया। वीडियो को लेकर उन्होंने कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए जनता से निर्णय लेने की अपील की।
उन्होंने अपने पोस्ट में ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान और देशभक्ति से जुड़े भावनात्मक पहलुओं को उठाया। उनके इस कदम के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।

‘वंदे मातरम्’ का ऐतिहासिक महत्व
‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का एक महत्वपूर्ण नारा रहा है। इसकी रचना प्रसिद्ध साहित्यकार बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने की थी। आजादी की लड़ाई के दौरान यह गीत देशवासियों में जोश और एकता का प्रतीक बना। भारत सरकार ने ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया है। देश में इसे राष्ट्रीय भावना और स्वतंत्रता संग्राम की विरासत से जोड़कर देखा जाता है।

बीजेपी ने उठाया राष्ट्र सम्मान का मुद्दा
निशिकांत दुबे के वीडियो शेयर करने के बाद बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि राष्ट्र से जुड़े प्रतीकों का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। बीजेपी का कहना है कि ‘वंदे मातरम्’ करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा हुआ है और इससे जुड़े किसी भी विवाद को गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बढ़ा
इस विवाद के बाद कांग्रेस पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है। बीजेपी लगातार इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने की कोशिश कर रही है। वहीं कांग्रेस की ओर से इस मामले में अपना पक्ष रखने की तैयारी की जा सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रवाद से जुड़े मुद्दे भारतीय राजनीति में हमेशा संवेदनशील रहे हैं। ऐसे मामलों में राजनीतिक दल अपने-अपने विचारों के आधार पर जनता के बीच संदेश देने की कोशिश करते हैं।

सोशल मीडिया पर भी छिड़ी बहस
निशिकांत दुबे के वीडियो पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर भी बहस शुरू हो गई है। समर्थक और विरोधी अपने-अपने तर्क पेश कर रहे हैं। कुछ लोग इसे राष्ट्र सम्मान से जुड़ा विषय बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बनाए जाने की आलोचना कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस विषय को लेकर लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

देश की जनता पर छोड़ा फैसला
निशिकांत दुबे ने अपने बयान के जरिए इस मुद्दे का फैसला जनता पर छोड़ने की बात कही है। उन्होंने संकेत दिया कि राष्ट्र से जुड़े विषयों पर अंतिम निर्णय देश की जनता की भावनाओं और सोच के आधार पर होना चाहिए।
अब देखना होगा कि यह विवाद आने वाले दिनों में किस दिशा में आगे बढ़ता है और क्या कांग्रेस इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया देती है।

राजनीतिक असर पर नजर
‘वंदे मातरम्’ विवाद आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा मुद्दा बन सकता है। खासकर चुनावी माहौल में ऐसे विषय जनता के बीच तेजी से चर्चा का केंद्र बन जाते हैं।
बीजेपी जहां इसे राष्ट्र सम्मान का मुद्दा बता रही है, वहीं कांग्रेस के रुख पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दोनों दल इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से जनता के सामने रख सकते हैं।

निशिकांत दुबे द्वारा कांग्रेस मुख्यालय का वीडियो साझा करने के बाद ‘वंदे मातरम्’ को लेकर नई राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। बीजेपी ने इसे राष्ट्र भावना से जुड़ा मुद्दा बताया है, जबकि कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार है। अब यह विवाद आगे किस रूप में सामने आता है, इस पर देश की नजर बनी हुई है।



