By: Mala Mandal
देवघर/जसीडीह। जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) के अंतर्गत कार्यरत अनुबंधित एएनएम कर्मियों ने एरियर भुगतान की राशि से कर्मचारी भविष्य निधि यानी EPF की कटौती किए जाने पर आपत्ति जताई है। इस संबंध में कर्मियों की ओर से जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, देवघर को अलग-अलग लिखित आवेदन देकर मामले में जांच और आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है।

अनुबंधित एएनएम कर्मियों का कहना है कि उनके नियमित मासिक वेतन से पहले से ही निर्धारित EPF की राशि काटी जा रही है। इसके बावजूद एरियर भुगतान के दौरान भी EPF की राशि काटे जाने से उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मियों ने आवेदन के माध्यम से एरियर से काटी गई राशि को वापस करने की मांग की है। साथ ही, यदि यह कटौती किसी नियम या विभागीय आदेश के तहत की गई है तो उसकी लिखित जानकारी और संबंधित आदेश की प्रति उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
एरियर भुगतान से EPF कटौती पर उठाया सवाल
कर्मियों की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जसीडीह के अंतर्गत कार्यरत अनुबंधित एएनएम कर्मियों के एरियर भुगतान से प्रखंड लेखा प्रबंधक द्वारा EPF की राशि काटकर भुगतान किया गया। कर्मियों का आरोप है कि एरियर की राशि से EPF की कटौती किए जाने से पहले उन्हें इस संबंध में कोई लिखित सूचना नहीं दी गई। कर्मियों के अनुसार, प्रत्येक माह उनके वेतन से सरकार अथवा संबंधित व्यवस्था के तहत EPF की निर्धारित राशि की कटौती की जाती है। इसके बाद ही उन्हें मासिक वेतन का भुगतान किया जाता है। ऐसे में एरियर भुगतान के समय भी EPF की राशि काटे जाने को लेकर कर्मियों ने सवाल उठाया है।

मौखिक आदेश के आधार पर कटौती का आरोप
कर्मियों का कहना है कि जब उन्होंने एरियर से EPF कटौती के संबंध में प्रखंड लेखा प्रबंधक से जानकारी लेने का प्रयास किया तो उन्हें बताया गया कि जिला लेखा प्रबंधक के मौखिक आदेश के आधार पर एरियर की राशि से EPF की कटौती की गई है। हालांकि, कर्मियों का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई लिखित आदेश या सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसी को लेकर कर्मियों ने अपने आवेदन में संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि एरियर से EPF की कटौती किसी नियम, विभागीय निर्देश या पूर्व लंबित योगदान के आधार पर की गई है तो इसकी जानकारी कर्मियों को दी जानी चाहिए, ताकि कटौती को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

नियमित वेतन से पहले ही EPF कटने का दावा
अनुबंधित एएनएम कर्मियों ने अपने आवेदन में कहा है कि उनके नियमित मासिक वेतन से EPF की राशि पहले ही काटी जा रही है। ऐसे में एरियर भुगतान से दोबारा EPF की राशि काटे जाने को लेकर कर्मियों में असमंजस की स्थिति है। कर्मियों का कहना है कि एरियर राशि उनके लिए बकाया भुगतान का हिस्सा है और इससे दोबारा कटौती होने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि एरियर से की गई EPF कटौती किस अवधि और किस आधार पर की गई है।

नियम के तहत कटौती की स्थिति जांच के बाद होगी स्पष्ट
EPF से संबंधित नियमों के अनुसार कर्मचारी के हिस्से का योगदान वेतन से काटा जा सकता है। वहीं, नियोक्ता के हिस्से के योगदान को कर्मचारी के वेतन से वसूल करने का प्रावधान नहीं है। हालांकि, किसी कर्मचारी के नियमित वेतन अथवा एरियर भुगतान से EPF की कटौती किस आधार पर की जानी है, यह संबंधित भुगतान की प्रकृति, वेतन रिकॉर्ड, EPF रिकॉर्ड और संबंधित अवधि के योगदान पर निर्भर कर सकता है। इसलिए जसीडीह CHC के मामले में एरियर से की गई EPF कटौती सही है या नहीं, इसकी वास्तविक स्थिति संबंधित वेतन रिकॉर्ड, EPF खाते, ECR और विभागीय भुगतान दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। केवल एरियर भुगतान से EPF कटने के आधार पर इसे स्वतः गलत या सही नहीं माना जा सकता।

राशि वापस करने की मांग
अनुबंधित एएनएम कर्मियों ने अपने आवेदन में एरियर भुगतान से काटी गई EPF की राशि को वापस करने की मांग की है। साथ ही कर्मियों ने वैकल्पिक रूप से कहा है कि यदि एरियर राशि से EPF की कटौती नियम के तहत की गई है तो उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी दी जाए। कर्मियों ने संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि उन्हें यह बताया जाए कि एरियर से कितनी राशि EPF के रूप में काटी गई, किस अवधि के लिए योगदान किया गया और संबंधित राशि EPF खाते में जमा की गई है या नहीं। इससे कर्मियों को अपने EPF रिकॉर्ड और कटौती की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

दोनों स्तर पर अधिकारियों से मांगा हस्तक्षेप
इस मामले में कर्मियों ने जसीडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, देवघर, दोनों को लिखित आवेदन देकर हस्तक्षेप की मांग की है। कर्मियों का कहना है कि मामले की जांच कर उन्हें लिखित रूप से स्थिति स्पष्ट की जाए।

अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मामले में क्या जांच की जाती है और एरियर भुगतान से की गई EPF कटौती को लेकर क्या स्पष्टीकरण सामने आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल अनुबंधित एएनएम कर्मियों की मुख्य मांग है कि एरियर से की गई EPF कटौती के आधार को स्पष्ट किया जाए और यदि कटौती नियम के अनुरूप नहीं हुई है तो संबंधित राशि वापस की जाए।

